अर्जेंटीना से 3 महीने में 50,000 टन LPG भारत आई, ये पिछले साल से दोगुनी
क्या है खबर?
ईरान युद्ध के बीच भारत अपने ऊर्जा के स्त्रोतों में लगातार विविधता ला रहा है। जहां एक और भारत ने कच्चे तेल के लिए रूस का रुख किया है, वहीं, दूसरी ओर अर्जेंटीना से LPG की खरीद में भारी बढ़ोतरी हुई है। आंकड़े बताते हैं कि केवल 2026 की पहली तिमाही में ही भारत ने अर्जेंटीना से लगभग 50,000 टन LPG खरीदी है। यह पूरे 2025 में खरीदी गई कुल LPG के दोगुने से भी ज्यादा है।
आंकड़े
2024 से पहले भारत ने अर्जेंटीना ने कभी नहीं खरीदी LPG
भारत ने जो 50,000 टन LPG अर्जेंटीना से मंगवाई है, उसमें से 39,000 टन युद्ध के तेज होने से पहले ही अर्जेंटीना के बहिया ब्लैंका बंदरगाह से रवाना हो चुकी थी। बाकी 11,000 टन LPG 5 मार्च को भारत के लिए रवाना हुई। खास बात है कि 2024 से पहले कभी भी भारत ने अर्जेंटीना से LPG नहीं खरीदी थी। यानी 2 साल में ही अर्जेंटीना भारत के लिए आपातकालीन आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है।
अमेरिका
अमेरिका से भी बढ़ी LPG की खरीद
अर्जेंटीना के साथ ही अमेरिका से भी LPG की खरीद बढ़ी है। भारतीय तेल कंपनियों ने 2026 के लिए अमेरिका से 22 लाख टन LPG खरीदने के लिए लंबी अवधि के सौदे किए हैं। अमेरिका से केवल पहले के 2 महीनों में ही LPG आयात 4.80 लाख टन तक पहुंच गया है। यानी अमेरिका और अर्जेंटीना भारत को खाड़ी देशों के रास्तों पर अपनी तत्काल निर्भरता कम करने में मदद कर रहे हैं।
नुकसान
अर्जेंटीना-अमेरिका से LPG खरीद में क्या नुकसान?
अमेरिका से माल को भारत पहुंचने में 25-30 दिन लगते हैं। इससे ढुलाई का खर्च और समय दोनों बढ़ जाता है। इसी तरह अर्जेंटीना के बाहिया ब्लैंका से गुजरात तक का सफर लगभग 20,000 किलोमीटर का है। भारत जिन रास्तों से तेल मंगवाता है, यह उनमें से सबसे लंबा रास्ता है। ये लंबा सफर न केवल लागत बढ़ाता है, बल्कि कार्गो को लंबे समय तक पोर्ट और लॉजिस्टिक्स शुल्कों के साथ मौसम संबंधी जोखिमों का भी सामना करना पड़ता है।
खाड़ी
खाड़ी देशों से LPG-कच्चा तेल खरीदना कितना फायदेमंद?
भारत ऐतिहासिक तौर पर अपने कुल आयात की करीब 90 प्रतिशत LPG खाड़ी देशों से खरीदता रहा है। इसके पीछे सफर की लागत और समय में कमी सबसे बड़ी वजह है। खाड़ी देशों से जहाज 5-7 दिन में भारत पहुंच जाते हैं। वहीं, खाड़ी देशों में LPG की कीमतें सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) बेंचमार्क के आधार पर तय होती हैं। आमतौर पर इस बेंचमार्क की कीमतें स्थिर होती हैं, जो LPG की कुल लागत को काफी कम कर देती है।