ईरान ने दी मंजूरी, भारत और पाकिस्तान समेत ये मित्र देश होर्मुज जलडमरूमध्य से निकल सकेंगे
क्या है खबर?
ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने गुरुवार तड़के अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध से दूरी बनाने वाले अपने मित्र देशों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलने की अनुमति दे दी है। इसकी जानकारी मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने एक्स पर दी। उसने लिखा, 'ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान सहित मित्र देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से आवागमन की अनुमति दी है।'
कोशिश
सिर्फ अमेरिका और यूरोपीय देशों के लिए बंद रहेगा मार्ग
अंतरराष्ट्रीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण संकरा जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल और गैस व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। तेहरान ने अमेरिका और इजरायल हमलों के बाद इसे आंशिक रूप से बंद कर दिया था। हालांकि, वह इसके बंद होने को नकार रहा था। अब होर्मुज अमेरिका और यूरोप समेत ईरान के खिलाफ युद्ध में भाग लेने वाले और दुश्मन देशों के सहयोगियों के लिए पूरी तरह बंद है। अमेरिका इसे खुलवाने की कोशिश में जुटा है।
फायदा
भारत को कितना फायदा होगा?
होर्मुज जलडमरूमध्य के आंशिक रूप से बंद होने के बाद भी भारत के कम से कम 4 तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) के टैंकर जहाज इसे सुरक्षित रूप से पार करके भारत पहुंच गए थे। इसमें शिवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस और जग वसंत शामिल हैं। इसमें 1.80 लाख मीट्रिक टन गैस लदी थी, जो भारतीय खपत के अनुसार सिर्फ 4 दिन के लिए काफी है। अभी भारत के करीब 22 जहाज फारस की खाड़ी और ओमान खाड़ी में फंसे हैं।