ट्रंप के गाजा शांति बोर्ड बैठक में भारत ने हिस्सा लिया, इस रूप में हुआ शामिल
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से गुरुवार को आयोजित की गई गाजा शांति बोर्ड की बैठक में भारत ने भी हिस्सा लिया। भारत एक 'पर्यवेक्षक' देश के रूप में शामिल हुआ है। हालांकि, उसने ट्रंप द्वारा गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण के लिए बनाए गए बोर्ड से किनारा किया है। वाशिंगटन डीसी में डोनाल्ड जे ट्रंप शांति संस्थान में आयोजित बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व भारतीय दूतावास की उप प्रमुख चार्ज डी' अफेयर्स नामग्या खम्पा ने किया।
अनावरण
बोर्ड के अनावरण पर नहीं शामिल हुआ था भारत
राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा पट्टी में इजरायल-हमास के बीच युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत घोषित बोर्ड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वैश्विक नेताओं को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। हालांकि, भारत उन देशों में शामिल रहा, जो 22 जनवरी को ट्रंप की ओर से दावोस में आयोजित शांति बोर्ड के अनावरण में शामिल नहीं हुआ। ट्रंप के शांति बोर्ड को संयुक्त राष्ट्र का प्रतिद्वंद्वी की तरह देखा जा रहा है।
घोषणा
ट्रंप ने 9.10 लाख करोड़ रुपये देने का वादा किया
बैठक में ट्रंप ने शांति बोर्ड के लिए 10 अरब डॉलर (करीब 9.10 लाख करोड़ रुपये) देने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इसको वित्त पोषित करेगा, जिसका उद्देश्य गाजा का पुनर्निर्माण करना है, जो हमास-इजरायल के बीच 2साल के युद्ध में पूरी तरह तबाह हो गया था। ट्रंप पास शांति बोर्ड का वीटो पावर होगा और वे पद छोड़ने के बाद भी इसके प्रमुख बने रह सकते हैं।
जानकारी
स्थायी सदस्यता चाहने वाले देशों को देना होगा इतने रुपये
अगर बोर्ड में दो साल के कार्यकाल के बजाय स्थायी सदस्यता चाहिए तो देशों को 1 अरब डॉलर (करीब 9,100 करोड़ रुपये) का भुगतान करना होगा। बोर्ड के सदस्यों में अर्जेंटीना, आर्मेनिया, अजरबैजान, हंगरी, पाकिस्तान, सऊदी अरब और UAE जैसे 27 देश शामिल हैं।