हॉर्मुज संकट के बीच भारत ने उठाया बड़ा कदम, इन विदेशी सामानों को भारत से गुजरने की अनुमति
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर पड़े असर को देखते हुए भारत ने एक अहम कदम उठाया है। अब खाड़ी क्षेत्र की समस्याओं से प्रभावित विदेशी सामान को भारतीय बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से होकर गुजरने की अस्थायी अनुमति दी गई है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने 22 अगस्त को इस फैसले का ऐलान किया, जो 31 अक्टूबर, 2026 तक लागू रहेगा। इसका मकसद पश्चिमी एशिया में पैदा हुए मुश्किल हालात के बावजूद वैश्विक व्यापार की गति को बनाए रखना है।
पारगमन कार्गो पर सीमा शुल्क विभाग की कड़ी निगरानी
कंटेनर और भारी खेप जैसे कार्गो को भारतीय बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर जरूरत पड़ने पर उतारा, स्टोर किया या फिर से पैक किया जा सकता है। यह सारा काम सीमा शुल्क विभाग की कड़ी निगरानी में होगा और इस सामान को भारतीय बाजार में नहीं बेचा जा सकेगा। यदि माल कई सीमा शुल्क स्टेशनों से होकर गुजरता है, तो सीमा शुल्क अधिकारी सामान उतारने, उसकी मात्रा की जांच और सही मात्रा तय करने की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इसके लिए मूल स्टेशन, पारगमन स्टेशन और गंतव्य स्टेशन के नोडल अधिकारियों से पहले से अनुमति लेनी होगी।