बाबा रामदेव का 'वंदे मातरम' पर बड़ा खुलासा, कहा- यह देवता नहीं, राष्ट्रगीत है
योग गुरु बाबा रामदेव ने करनाल में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का समर्थन किया है। उन्होंने उन दावों का खंडन किया जिनमें कहा जाता था कि यह गीत हिंदू देवी-देवताओं की पूजा को बढ़ावा देता है। रामदेव ने साफ किया कि ऐसी आलोचनाएं संस्कृत और भारतीय संस्कृति की सही समझ न होने के कारण पैदा होती हैं। उनके मुताबिक, 'भारत माता' सिर्फ कोई धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि देश की आत्मा, ज्ञान, कर्तव्य, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है।
रामदेव ने एकसाथ चुनाव और शिक्षा सुधार का सुझाव दिया
रामदेव ने यह भी समझाया कि 'भारत माता' का मतलब सिर्फ मंदिरों में देवी-देवताओं की पूजा करना नहीं है। यह देश को अपना साझा मकसद और अपनी सामूहिक जिम्मेदारी मानने का भाव है। उन्होंने निष्पक्ष राजनीति की वकालत करते हुए कहा कि किसी भी प्रदर्शन में केवल वयस्कों को ही शामिल होना चाहिए। रामदेव ने 'एक राष्ट्र, एक शिक्षा' और एक चुनाव जैसे बड़े सुधारों का सुझाव दिया। उनका मानना है कि इससे स्कूलों का मुख्य ध्यान पढ़ाई पर बना रहेगा।