इंफाल में महिलाओं का मशाल मार्च, 1951 के आधार पर NRC से ही बचेगी मूल पहचान
सोमवार रात को इंफाल में महिलाओं ने मशाल रैली निकाली। उनकी मांग थी कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को 1951 को आधार वर्ष मानकर अपडेट किया जाए और यह किसी भी नई जनगणना से पहले होना चाहिए। महिलाओं को मणिपुर के मूल निवासियों की चिंता है। वे अवैध घुसपैठ और बड़ी आबादी में बदलाव से अपने समुदाय को बचाना चाहती हैं। यह रैली कीशाम-थोंग होडाम लीराक से शुरू हुई थी, लेकिन पुलिस ने केइशमपत जंक्शन पर कड़ी सुरक्षा के बीच इसे रोक दिया।
NRC अपडेट होने तक कोई नई जनगणना नहीं
प्रदर्शनकारियों को सिर्फ आश्वासन नहीं चाहिए। वे अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और कुकी उग्रवादी समूहों से जुड़े लोगों के बारे में भी अपनी चिंताएं बता रहे हैं। मणिपुर के गृह मंत्री की बात दोहराते हुए उनका कहना है कि जब तक NRC अपडेट नहीं हो जाता, तब तक कोई नई जनगणना नहीं होनी चाहिए। उन्हें उम्मीद है कि इससे उनके समुदाय की पहचान और भविष्य सुरक्षित रहेगा।