ईरान युद्ध ने बिगाड़ा खेल! अरबों का भारतीय समुद्री निर्यात हुआ प्रभावित
पश्चिम एशिया के संघर्ष की वजह से खाड़ी देशों में भारत के समुद्री उत्पादों का निर्यात बहुत प्रभावित हुआ है। अब माल भेजना लगभग बंद सा हो गया है।
खाड़ी देश भारत के समुद्री उत्पादों के लिए एक बहुत बड़ा बाजार हैं। यहाँ से करीब 2500 करोड़ रुपये यानी भारत के कुल सीफूड एक्सपोर्ट का 4% हिस्सा आता है। इसलिए इस मंदी का असर बहुत बुरा पड़ रहा है। यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका (US) के साथ हुए व्यापार समझौतों में हुई प्रगति के बाद व्यापार में तेजी आने की उम्मीद जगी थी, लेकिन जहाजों के आवागमन में आई बाधाओं और बंदरगाहों पर होने वाली देरी की वजह से वह उम्मीद भी धूमिल हो गई है।
रेड सी-सुएज रूट की वजह से माल भेजने में देरी
निर्यातकों को अब माल पहुंचाने में ज्यादा समय लग रहा है, क्योंकि ज्यादातर जहाज अभी भी रेड सी-सुएज नहर के रास्ते से ही जा रहे हैं। इससे जहाजों की आवाजाही में देरी हो रही है और उनके पास विकल्प भी सीमित हो गए हैं।
इसके अलावा, तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से माल ढुलाई का किराया, इंश्योरेंस प्रीमियम और युद्ध जोखिम शुल्क सब बढ़ गए हैं।
चूंकि समुद्री उत्पाद बहुत जल्दी खराब हो जाते हैं, इसलिए यह देरी उनके लिए बड़ा जोखिम बन गई है। ऐसे में कई निर्यातक अब माल भेजने को टाल रहे हैं या फिर कुछ तो अपने ऑर्डर ही रद्द कर रहे हैं।