अल नीनो सितंबर तक और मजबूत होगा, सरकार की तैयारी से बचेगी फसल और जेब?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया है कि अल नीनो (एक मौसमी घटना जिससे बारिश और तापमान पर असर पड़ता है) सितंबर तक और ज्यादा मजबूत हो सकता है। इसका सीधा असर आने वाले खरीफ फसल सीजन पर पड़ सकता है। हालांकि, IMD के डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने भरोसा दिलाया है कि किसानों और फसलों को बचाने के लिए पहले से ही तैयारियां की जा रही हैं, इसलिए चिंता करने की जरूरत नहीं है।
सरकार पानी बचाने की योजनाएं तैयार कर रहीं
बारिश कम होने की आशंका को देखते हुए सरकार ने पानी बचाने के उपाय करने शुरू कर दिए हैं। खासकर गुजरात, राजस्थान, ओडिशा और मध्य भारत जैसे उन इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां सिंचाई की व्यवस्था कम है। इन इलाकों में सरकार पानी के सही इस्तेमाल, मिट्टी की नमी बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर फसलों को बदलने की योजनाओं पर काम कर रही है। राहत की बात यह है कि इस समय देश के जलाशय सामान्य से ज्यादा भरे हुए हैं, जिससे बारिश कम होने पर भी खेती को सहारा मिलेगा।
अर्थशास्त्रियों ने फसल की कीमतों के जोखिम की चेतावनी दी
अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि अल नीनो के मजबूत होने से सरसों, दालें और कपास जैसी फसलों की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी दिख सकता है। हालांकि, एक अच्छी बात यह है कि 2021 से मौसम पूर्वानुमान की तकनीक में काफी सुधार आया है। इसका मतलब है कि अब मौसम संबंधी चेतावनियां पहले मिल जाती हैं और मुश्किल हालात में तुरंत कदम उठाए जा सकते हैं।