भारत की 'हरित छलांग', 2030 तक 530 GW नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य
भारत क्लीन एनर्जी को लेकर बड़े लक्ष्य बना रहा है। उम्मीद है कि साल 2030 तक देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 530 गीगावाट तक पहुंच जाएगी, जिसमें ज्यादातर बढ़ोतरी सोलर पावर के दम पर होगी।
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के मुताबिक, नई क्षमता का 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा अकेले सोलर ऊर्जा से आएगा। इससे भारत दुनिया के दूसरे सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी ग्रोथ मार्केट के तौर पर अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखेगा।
हैरानी की बात नहीं है कि 2026 के आखिर तक भारत पहले ही 300 गीगावाट का आंकड़ा पार कर चुका था, जो सिर्फ 10 साल पहले की क्षमता का लगभग 4 गुना है।
2030 तक रिन्यूएबल ऊर्जा की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत होगी
भारत में रिन्यूएबल बिजली की हिस्सेदारी 2025 से 2030 के बीच लगभग दोगुनी होने वाली है। यह कुल बिजली उत्पादन का करीब 25 से बढ़कर 35 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।
IEA ने बताया है कि इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कुछ बड़ी चुनौतियों से निपटना होगा। इनमें ट्रांसमिशन नेटवर्क को अपग्रेड करना और बेहतर एनर्जी स्टोरेज सिस्टम बनाना शामिल है। अगर इन बाधाओं को दूर कर लिया जाता है, तो भारत 2026 से 2030 के दौरान अपनी ग्रीन पावर को 20 प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़ा सकता है। लगातार निवेश से क्लीन एनर्जी के ये बड़े लक्ष्य हासिल करना कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।