अल नीनो का खतरा: ICAR की चेतावनी, धान-मक्के की पैदावार 10 प्रतिशत तक घट सकती है
अल नीनो की वजह से आने वाला मानसून किसानों के लिए बड़ी मुसीबत ला सकता है। ICAR की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश के 77 धान और 65 मक्के वाले जिलों में फसलों की पैदावार 10 प्रतिशत से ज़्यादा घट सकती है। यह चेतावनी साल 2002, 2004 और 2009 के उन अल नीनो वर्षों के अनुभवों के आधार पर दी गई है, जब सूखे ने किसानों के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी की थीं।
42 प्रतिशत बारिश की कमी से राज्यों में चिंता
उन अल नीनो वर्षों में मानसून की कमी के कारण अनाज की पैदावार में 22 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई थी। इस बार, देश में पहले ही 42 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की जा चुकी है, जिसके बाद राज्यों ने तुरंत कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। राज्य सरकारें फसलों को जीवनदान देने वाली सिंचाई का इंतजाम कर रही हैं, पौधों पर पोषक तत्वों का छिड़काव कर रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर फसलों में बदलाव भी कर रही हैं। इन बड़ी चुनौतियों के बावजूद, सरकार ने इस खरीफ सीजन के लिए 176.16 मिलियन टन अनाज उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।