हैदराबाद में भाईचारे पर सवाल, डांडिया से मुस्लिम बाउंसरों को धर्म देखकर निकालने का आरोप
हैदराबाद में मुस्लिम बाउंसरों ने आरोप लगाया है कि इस साल दशहरा और नवरात्रि त्योहार के दौरान डांडिया कार्यक्रमों से उन्हें जानबूझकर बाहर रखा जा रहा है। उनका कहना है कि आयोजक सिर्फ धर्म देखकर उन्हें काम नहीं दे रहे, जिसका सीधा असर उनकी कमाई पर पड़ रहा है। मोहम्मद फिरोज, जो 200 बाउंसरों के एक ग्रुप से जुड़े हैं, बताते हैं कि पहले जो काम उन्हें आसानी से मिल जाते थे, वे अब दूसरे लोगों को दिए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, हैदराबाद शहर अपने भाईचारे और सबको साथ लेकर चलने वाले माहौल के लिए जाना जाता है, लेकिन यह नया बदलाव सबको चौंका रहा है।
कमी को लेकर हैदराबाद के बाउंसरों ने अधिकारियों से गुहार लगाई
सलिगे प्रभाकर जैसे कई बाउंसर बताते हैं कि यह भेदभाव 2024 से लगातार बढ़ रहा है और इससे आने वाले समय में कार्यक्रमों में स्टाफ की कमी हो सकती है। मोहम्मद फिरोज ने सरकार और पुलिस से गुहार लगाई है कि काम पर रखने का फैसला धर्म देखकर नहीं, बल्कि काबिलियत के आधार पर होना चाहिए। प्रभाकर यह चेतावनी भी देते हैं कि अगर इस तरफ जल्दी ध्यान नहीं दिया गया, तो कामगारों की संख्या में भारी कमी एक बड़ी समस्या बन जाएगी। उन्हें उम्मीद है कि हैदराबाद शहर अपनी शांति और न्यायपूर्ण छवि को बरकरार रखेगा।