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टाइगर श्रॉफ के हमलावरों तक अमृतसर से मुंबई कैसे पहुंचे हथियार?
टाइगर श्रॉफ के हमलावरों तक 'डेड लेटर बॉक्स' के जरिए हथियार भेजे गए

टाइगर श्रॉफ के हमलावरों तक अमृतसर से मुंबई कैसे पहुंचे हथियार?

लेखन आबिद खान
Oct 21, 2026
01:29 pm

क्या है खबर?

अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले में शामिल 3 हमलावरों को पुलिस ने राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया है। इनमें से 2 ने टाइगर पर गोली चलाई थी, जबकि एक बाइक लेकर खड़ा था, जिसने भागने में मदद की। इसके अलावा हथियार सप्लाय से जुड़े 4 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 2 महिलाएं भी हैं। हमलावरों को हथियार अमृतसर से भेजे गए थे। आइए जानते हैं हथियार कैसे हमलावरों तक पहुंचे।

आरोपी

सबसे पहले आरोपियों के बारे में जानिए

टाइगर पर हमले के बाद पुलिस ने 3 आरोपियों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया। इनकी पहचान बिहार के बेगुसराय के 22 वर्षीय रितिक उर्फ रोशन, हरियाणा के सोनीपत के 18 वर्षीय रेहान उर्फ सुक्का और राजस्थान के कोटा निवासी 18 वर्षीय फूल सिंह के तौर पर हुई।

वहीं, बाद में 4 आरोपी और गिरफ्तार किए गए। इनमें सोनीपत का कुणाल (21), सुमित (19) और उत्तर प्रदेश की राधा (23) और बबीता (23) शामिल है।

अमृतसर

आरोपी कुणाल ने बनाई हथियार पहुंचाने की योजना

दिल्ली पुलिस के अनुसार, कुणाल की मुलाकात अनिल पंडित से हुई, जिसने कथित तौर पर खुद को लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी बताया।

पंडित के निर्देश पर कुणाल ने अमृतसर से मुंबई तक हथियारों की तस्करी की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।

सुमित भी कुणाल के साथ था, जिसने कथित तौर पर राधा और उसकी सहयोगी बबीता को हथियार और गोला-बारूद मुंबई ले जाने में मदद करने के लिए शामिल किया।

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'डेड लेटर बॉक्स'

'डेड लेटर बॉक्स' के जरिए भेजे गए हथियार

सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी ANI ने बताया कि टाइगर पर हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार 'डेड लेटर बॉक्स' के जरिए हासिल किए गए थे।

'डेड लेटर बॉक्स' का मतलब एक ऐसी तय जगह, जहां किसी वस्तु को दूसरे व्यक्ति द्वारा लेने के लिए छोड़ दिया जाता है।

इस मामले में हथियार अमृतसर में एक जगह पर रखे गए थे, जिसकी जानकारी अनिल पंडित ने आरोपी कुणाल और सुमित को पहले ही दे दी थी।

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महिलाएं

हथियार सप्लाय में दोनों महिलाओं की क्या भूमिका थी?

रिपोर्ट के मुताबिक, कुणाल ने अपनी प्रेमिका राधा को हथियार लाने के लिए राजी कर लिया। सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करने वाली राधा और बबीता कुणाल के कहने पर हथियारों के साथ मुंबई गईं।

कुणाल ने 15 अक्टूबर को राधा और बबीता को दिल्ली से मुंबई भेजा। राधा के बैग में वह पिस्तौल थी, जिसका इस्तेमाल टाइगर पर हमले में हुआ।

कुणाल पूरी यात्रा के दौरान दोनों महिलाओं के संपर्क में था।

पुलिस

पुलिस बोली- 17 अक्टूबर को मुंबई पहुंचे थे हथियार

स्पेशल सेल के DCP प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने कहा, "17 अक्टूबर को राधा-बबीता दादर में उतरीं और होटल में चेक-इन किया। सुबह 11 बजे एक लड़के ने होटल के पास राधा से बैग लिया। 18 अक्टूबर को शाम 7 बजे गोलीबारी हुई।"

पुलिस अब हथियारों की सप्लाय में शामिल और लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं।

इसमें वह व्यक्ति भी शामिल है, जिसने अमृतसर में हथियार रखे थे और वो नेटवर्क भी जो सारी योजना संभाल रहा था।

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