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#NewsBytesExplainer: BMC का बजट कई राज्यों से ज्यादा, कैसे बनी सबसे अमीर? कमाई-खर्च का पूरा हिसाब
BMC देश की सबसे अमीर नगरीय निकाय है

#NewsBytesExplainer: BMC का बजट कई राज्यों से ज्यादा, कैसे बनी सबसे अमीर? कमाई-खर्च का पूरा हिसाब

लेखन आबिद खान
Jan 16, 2026
04:07 pm

क्या है खबर?

महाराष्ट्र के 29 नगर निगम चुनाव की मतगणना जारी है। सबसे ज्यादा चर्चा बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की है, जहां भाजपा गठबंधन 28 साल बाद सत्ता में आने जा रहा है। रुझानों में भाजपा गठबंधन ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। देश की वित्तीय राजधानी को संभालने वाली BMC का बजट कई राज्यों से ज्यादा है। यही वजह है कि यहां हार-जीत साख का सवाल है। आइए आज BMC के बारे में जानते हैं।

बजट

5 राज्यों से ज्यादा BMC का बजट

2025-26 के लिए BMC का बजट 74,427 करोड़ रुपये है। ये 5 राज्यों से ज्यादा है। गोवा ने 2025-26 के लिए 28,162 करोड़, अरुणाचल प्रदेश ने 39,842 करोड़, हिमाचल प्रदेश ने 58,514 करोड़, सिक्किम ने 16,196 करोड़ और त्रिपुरा ने 31,412 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। वहीं, अन्य महानगरों की तुलना में भी BMC आगे है। दिल्ली नगर निगम का बजट 16,500 करोड़ रुपये और बेंगलुरु का लगभग 19,900 करोड़ रुपये है।

खर्च

BMC कहां खर्च करती है अपना बजट?

2025-26 के बजट में से BMC ने 43,162 करोड़ रुपये सड़कें, नालियां, सीवेज सिस्टम, पुल, फ्लाईओवर और तटीय सुरक्षा परियोजनाएं में आवंटित किए हैं। इनमें मुंबई सीवेज निपटान परियोजना के लिए 5,545 करोड़, वर्सोवा-दहिसर तटीय सड़क के लिए 4,000 करोड़, सड़कों के कंक्रीटीकरण के लिए 3,111 करोड़, गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड सुरंग के लिए 1,958 करोड़ और दक्षिण मुंबई तटीय सड़क को पूरा करने के लिए 1,516 करोड़ रुपये शामिल हैं। 1,000 करोड़ रुपये BEST बसों के लिए है।

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सबसे ज्यादा आय

BMC को कहां से होती है सबसे ज्यादा कमाई?

GST लागू होने से पहले BMC शहर के प्रवेश बिंदुओं पर ऑक्ट्रॉय (शहर में आने वाले सामान पर टैक्स) वसूलती थी। इसे हटाए जाने के बाद नुकसान की भरपाई के तौर पर महाराष्ट्र सरकार BMC को मुआवजा देती है। ये BMC की आय का सबसे बड़ा स्त्रोत है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए यह मुआवजा लगभग 15,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसी के चलते देश की आर्थिक राजधानी का वित्तीय संबंध सीधा राजनीतिक हलकों से जुड़ जाता है।

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अन्य स्त्रोत

BMC की आय के और क्या-क्या स्त्रोत हैं?

BMC की आय प्रॉपर्टी टैक्स, डेवलपमेंट परमिशन, FSI प्रीमियम और प्लानिंग फीस से जुड़े चार्ज, लाइसेंस, विज्ञापन और FD से मिले ब्याज से भी होती है। 2025-26 में BMC ने प्रॉपर्टी टैक्स से लगभग 5,200 करोड़ रुपये कमाए हैं। वहीं, डेवलपमेंट परमिशन, FSI प्रीमियम और प्लानिंग फीस से लगभग 6,000 करोड़ रुपये की कमाई का अनुमान है। वहीं, अकेले विज्ञापन से BMC को 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की उम्मीद है।

मेयर

कैसे चुना जाता है BMC मेयर?

हर 5 साल में BMC के 227 पार्षदों का चुनाव होता है। इन्हें नगर सेवक या कारपोरेटर भी कहा जाता है। मुंबई के महापौर का चुनाव करने और बहुमत हासिल करने के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को कम से कम 114 सीटों की जरूरत होती है। ये आंकड़ा हासिल करने के बाद पार्टी या गठबंधन अपना मेयर तय करता है। यह ठीक प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के चुनाव जैसा है, जिसमें निर्वाचित सदस्य अपना नेता चुनते हैं।

शक्तियां

कितना ताकतवर होता है BMC मेयर?

मेयर नगर निगम की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं और शहर का औपचारिक प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रस्तावों और बहसों पर चर्चा करते हैं। वहीं, प्रशासनिक और कार्यकारी कामों के लिए एक कमिश्नर भी होता है, जो आमतौर पर IAS अधिकारी होता है। मेयर का कार्यकाल ढाई साल का ही होता है, जबकि पार्षद 5 साल के लिए चुने जाते हैं। ढाई साल बाद दोबारा मेयर चुनाव होते हैं। अधिकतर ये पद शिवसेना के पास ही रहा है।

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