असम में ISRO का ऐतिहासिक कदम, पूर्वोत्तर को मिली पहली अंतरिक्ष रडार सुविधा
असम को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिली है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी के पास चंद्रपुर में भारतीय अंतरीक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की बिल्कुल नई रडार रिसर्च सुविधा की आधारशिला रखी है। यह सुविधा लगभग 70 एकड़ जमीन पर बनेगी, जहां पहले एक थर्मल पावर प्लांट था। पूर्वोत्तर भारत में यह अपनी तरह का पहला स्पेस सर्विलांस सेंटर होगा, जो इस क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ी खबर है।
ISRO का क्लाउड रडार फरवरी 2027 तक आने की उम्मीद
इस नए सेंटर में जल्द ही एक क्लाउड रडार लगाया जाएगा, जिसके फरवरी 2027 तक तैयार होने की उम्मीद है। इसकी मदद से बादलों पर नजर रखी जा सकेगी और बारिश का सही अनुमान लगाया जा सकेगा। यह जानकारी योजना बनाने और आपदा प्रबंधन में बहुत काम आएगी। इसके अलावा, 2 और रडार भी यहां लगाए जाएंगे। ISRO के अध्यक्ष वी नारायणन ने बताया है कि वे सरकारों के साथ मिलकर स्पेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कृषि और आपदा प्रतिक्रिया जैसे कामों के लिए कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने इस मौके पर कहा कि यह असम के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। इस कदम से असम विज्ञान और टेक्नोलॉजी का एक बड़ा केंद्र बनने की राह पर चलेगा।