प्रधानमंत्री से CBSE की 3 भाषा नीति रोकने की अपील, क्या पढ़ाई पर मंडराया संकट?
संसद की शिक्षा समिति के अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी से CBSE के नए 3 भाषा फार्मूले को कुछ समय के लिए रोकने की अपील की है। माता-पिता चिंतित हैं कि शैक्षणिक सत्र के बीच में ही बच्चों को भाषा बदलने को कहना मुश्किल पैदा कर सकता है। उन्हें डर है कि सही किताबें और योग्य शिक्षक न होने पर यह फ़ैसला कक्षाओं में अव्यवस्था ला सकता है।
CBSE ने स्कूलों को जुलाई में नियम लागू करने का आदेश दिया
CBSE ने स्कूलों को आदेश दिया है कि वे 1 जुलाई 2026 तक इस नए नियम को लागू करें। जबकि अभी तक इसके लिए पाठ्यपुस्तकें तैयार नहीं हुई हैं और खासकर संस्कृत के लिए तो योग्य शिक्षकों की भारी कमी है।
बोर्ड ने सुझाव दिया था कि स्कूल अस्थायी रूप से छठी कक्षा की किताबों का इस्तेमाल करें, लेकिन यह समाधान खास तौर पर दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्यों में कारगर नहीं है, जहां हिंदी का चलन कम है। यह पूरा मामला अब अदालत में है और इसका फैसला 15 जुलाई 2026 तक आने की उम्मीद है।