पेट्रोलियम मंत्री पुरी बोले- डीजल निर्यात जारी, क्षमता का होगा दमदार विस्तार
जहां अमेरिका अपनी घरेलू मांग पूरी करने के लिए डीजल निर्यात सीमित करने पर विचार कर रहा है, वहीं भारत ने इस पर कोई ब्रेक नहीं लगाया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया कि भारत डीजल का निर्यात जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और बाजार में रूसी ईंधन की कम उपलब्धता के कारण भले ही वैश्विक स्तर पर डीजल की कमी और कीमतें बढ़ी हों, लेकिन भारत अपने फैसले पर कायम रहेगा।
भारत बढ़ा रहा रिफाइनिंग क्षमता, साथ ही निभा रहा अपनी प्रतिबद्धताएं
भारत लगातार अपनी रिफाइनिंग क्षमता को बढ़ा रहा है। जल्द ही यह क्षमता 267 मिलियन टन से बढ़कर लगभग 290 मिलियन टन प्रति वर्ष हो जाएगी। इसके अलावा, साल 2030-32 तक इसे और ज्यादा बढ़ाने की बड़ी योजनाएं भी बन रही हैं। इस कदम के पीछे बढ़ती मांग को पूरा करना और सऊदी अरामको जैसे बड़े निवेशकों को अपनी ओर खींचना है।
पुरी ने यह भी बताया कि भारत अपने निर्यात से जुड़े वादों पर हमेशा खरा उतरता है। इसका एक उदाहरण मॉरीशस के साथ 5 साल का आपूर्ति समझौता है। यह सब दिखाता है कि भारत वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक भरोसेमंद और टिकाऊ खिलाड़ी के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहता है।