हाफिज सईद समेत मुंबई आतंकी हमले के 6 गुनाहगारों पर चलेगा मुकदमा
क्या है खबर?
2008 मुंबई आतंकी हमले के जिम्मेदार पाकिस्तान आतंकियों और उनके सरपस्तों पर भारत कानूनी शिकंजा कसने जा रहा है। 18 साल बाद हमले के मुख्य आरोपी लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी समेत 6 भगोड़े आतंकियों के खिलाफ मुंबई की विशेष अदालत में मुकदमा चलाया जाएगा। यह ऐतिहासिक मुकदमा इन आतंकियों की गैरमौजूदगी में शुरू होगा। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत यह पहला मामला होगा, जब आतंकियों की गैरमौजदूगी में उन पर मुकदमा चलेगा।
आतंकी
किन-किन आतंकियों पर चलेगा मुकदमा?
कोर्ट में 6 आतंकियों LeT प्रमुख हाफिज सईद, लखवी, साजिद मीर, अबू अलकमा, आसिम उर्फ अबू कहफा और मेजर अब्दुर रहमान पाशा के खिलाफ मुकदमा शुरू होगा।
हाफिज पर 26/11 हमले की साजिश रचने का आरोप है।
वहीं, लखवी, कहफा और अलकामा ने आतंकवादियों को प्रशिक्षण दिया था। ये सभी सैयद अबू जुंदाल के साथ कराची में बने कंट्रोल रूम में मौजूद थे। अबू जुंदाल ने ही आंतकियों को हिंदी और स्थानीय भाषाएं सिखाई थीं।
लोक अभियोजक
उज्जवल निकम बोले- 6 आरोपियों के खिलाफ चलेगा मुकदमा
विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम ने कानूनी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि BNSS की धारा 356 अदालतों को यह अधिकार देती है कि वे भगोड़े अपराधियों की अनुपस्थिति में भी मुकदमा पूरा कर सकें।
उन्होंने कहा, "ट्रायल कोर्ट ने फरार 6 आरोपियों के खिलाफ उद्घोषणा जारी की थी। शुक्रवार को जब इस उद्घोषणा पर रिपोर्ट आ जाएगी, तो हम उनकी गैर-मौजूदगी में उन पर मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।"
बयान
पुलिस आयुक्त बोले- हमारे पास पर्याप्त सबूत
मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने बताया कि हमारे पास पर्याप्त सबूत मौजूद है और देश के कानून के अनुसार आतंकियों के खिलाफ मुकदमा चलाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "BNSS की धारा 356 का इस्तेमाल कर आंतकियों को उनके जघन्य अपराध के लिए सजा दी जा सकती है। इसके लिए विशेष लोक अभियोजक को जल्द ट्रायल के लिए पत्र लिखा है।"
निकम ने बताया कि कोर्ट ने 6 आरोपियों को 18 अगस्त को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है।
हमला
हमले में मारे गए थे 166 लोग
26 नवंबर, 2008 को आतंकियों ने मुंबई के होटल ताज पैलेस, होटल ट्राइडेंट, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, नरीमन हाउस, कामा अस्पताल, कैफे लियोपोल्ड और दूसरी जगहों को निशाना बनाया था। इन हमलों में 166 लोगों की मौत हो गई थी।
4 दिनों तक तक चले आतंकरोधी अभियान के बाद सुरक्षाबलों ने 9 आतंकियों को मार गिराया था। एक जिंदा पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब को बाद में फांसी दी गई थी।