
गुजरात यूनिवर्सिटी ने 7 विदेशी छात्रों को हॉस्टल छोड़ने को कहा, नमाज विवाद के बाद फैसला
क्या है खबर?
गुजरात यूनिवर्सिटी ने 7 विदेशी छात्रों को हॉस्टल खाली करने को कहा है। इनमें से 6 अफगानिस्तान के और एक पूर्वी अफ्रीका का है।
एक अधिकारी ने बताया कि इन छात्रों की हॉस्टल में रहने की निर्धारित अवधि पूरी हो गई है। इनकी पढ़ाई पूरी हो गई थी और कुछ लंबित प्रशासनिक कार्यों के चलते हॉस्टल में रुके हुए थे।
यूनिवर्सिटी ने कहा है कि अब इनके वापस अपने-अपने देश लौटने के इंतजाम किए जा रहे हैं।
बयान
कागजी कार्रवाई पूरी की गई- वाइस चांसलर
यूनिवर्सिटी की वाइस-चांसलर नीरजा गुप्ता ने कहा, "हमने उनका दस्तावेजों के काम पूरा कर दिया है और अब वो सुरक्षित तरीके से अपने देश लौट सकते हैं। हम अपने पूर्व छात्रों को यहां नहीं रखना चाहते। हमने उनके कॉन्सुलेट को भी सूचित कर दिया है और उनकी तरफ से भी इन छात्रों को हॉस्टल खाली करने को कहा गया है।"
बता दें कि गुजरात यूनिवर्सिटी में 300 से अधिक विदेशी छात्र पढ़ते हैं।
विवाद
नमाज विवाद को लेकर सुर्खियों में रही गुजरात यूनिवर्सिटी
बीते महीने गुजरात यूनिवर्सिटी नमाज विवाद को लेकर सुर्खियों में रही थी।
यूनिवर्सिटी में कुछ छात्र रमजान के दौरान रात्रि में होने वाली विशेष नमाज पढ़ रहे थे। तभी कुछ लोग वहां आए और छात्रों को नमाज पढ़ने से रोका, जिसे लेकर बहस शुरू हो गई।
पीड़ित छात्रों का कहना है कि उनके कमरों में तोड़फोड़ की गई। पीड़ित छात्रों में कई विदेशी छात्र भी थे।
इसके बाद अफगानिस्तान और अफ्रीका के प्रतिनिधिमंडल ने यूनिवर्सिटी का दौरा किया था।