गुजरात: 288 करोड़ रुपये की साइबर धोखाखड़ी का भंडाफोड़, CID ने 8 शातिरों को दबोचा
गुजरात CID ने एक बहुत बड़े साइबर घोटाले का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में सूरत, राजकोट, भावनगर और ऊंझा से 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह "म्यूल अकाउंट" नाम की एक धोखाधड़ी चला रहा था। ये ऐसे बैंक खाते थे जो आम लोगों या कारोबारियों के नाम पर होते थे। धोखाधड़ी से जुटाए गए पैसों को इन्हीं खातों के जरिए हवाला के रास्ते भेजा जाता था। यह सारा पैसा UPI और इंटरनेट बैंकिंग जैसी धोखाधड़ी से जमा किया जाता था।
300 से ज्यादा धोखाधड़ियों के मामलों का खुलासा
पुलिस ने गिरोह के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप और बहुत सारे दस्तावेज जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों में कई कंपनियों की जानकारी, पहचान के कागज और नकली इनवॉयस शामिल हैं।
इन सबूतों से यह स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह 300 से ज्यादा साइबर धोखाधड़ी के मामलों में शामिल था। इनमें से 181 मामले सूरत और भावनगर से जुड़े हैं। कुल मिलाकर, इन घोटालों में 288 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध रकम का लेनदेन किया गया था। राजकोट से पकड़े गए आरोपियों के तार 26 अन्य शिकायतों से जुड़े मिले हैं। पुलिस ने आम जनता से अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचित करने की अपील की है।