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OpenAI ने ChatGPT में नए वर्कस्पेस एजेंट्स किए लॉन्च, क्या करेंगे काम?
OpenAI ने ChatGPT में नए वर्कस्पेस एजेंट्स किए लॉन्च

OpenAI ने ChatGPT में नए वर्कस्पेस एजेंट्स किए लॉन्च, क्या करेंगे काम?

Apr 23, 2026
11:06 am

क्या है खबर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी OpenAI ने ChatGPT में वर्कस्पेस एजेंट नाम का नया फीचर लॉन्च किया है। यह एजेंटिक AI की दिशा में कंपनी का बड़ा कदम है। इसके जरिए यूजर अपने काम AI एजेंट को दे सकते हैं, जो बिना लगातार निगरानी के भी काम पूरा कर सकते हैं। कंपनी का लक्ष्य है कि लोग अपने रोजमर्रा के डिजिटल काम को आसान बनाएं और समय की बचत करें, खासकर प्रोफेशनल माहौल में टीम वर्क बेहतर हो सके।

खासियत

टीम के साथ साझा कर सकेंगे एजेंट

OpenAI का कहना है कि वर्कस्पेस एजेंट खास तौर पर टीम और कंपनियों के लिए बनाए गए हैं। एक बार एजेंट बनाने के बाद उसे पूरे वर्कस्पेस में शेयर किया जा सकता है। इससे सभी लोग एक जैसा तरीका अपनाकर काम कर पाएंगे। कंपनी के मुताबिक, इससे टीम का काम तेज होगा और बेहतर तालमेल बनेगा। यह फीचर खासकर एंटरप्राइज यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि बड़े स्तर पर काम आसान हो सके।

काम

AI एजेंट खुद कर सकेंगे कई काम

ये AI एजेंट यूजर के लिए कई तरह के काम खुद कर सकते हैं। जैसे फाइल बनाना, कोड लिखना या अलग-अलग टूल्स के बीच काम को जोड़ना। OpenAI के अनुसार, ये एजेंट काम की प्रगति पर नजर रखते हैं और बिना बार-बार निर्देश दिए काम पूरा कर सकते हैं। इससे पहले जिन कामों में ज्यादा समय और ध्यान लगता था, अब वे जल्दी और आसानी से पूरे हो सकेंगे, जिससे काम करने का तरीका बदल सकता है।

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काम

कई ऐप्स के साथ मिलकर करेंगे काम

वर्कस्पेस एजेंट कई लोकप्रिय ऐप्स और प्लेटफॉर्म के साथ काम कर सकते हैं। इसमें स्लैक, गूगल वर्कस्पेस और सेल्सफोर्स जैसे टूल शामिल हैं। ये एजेंट क्लाउड पर चलते हैं, इसलिए कंप्यूटर बंद होने पर भी काम जारी रहता है। यह फीचर उन्हें उन सिस्टम से अलग बनाता है जो सिर्फ लोकल डिवाइस पर चलते हैं। इससे कंपनियों को लगातार काम जारी रखने में मदद मिलेगी और काम में रुकावट नहीं आएगी।

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शुल्क

आगे देना होगा शुल्क

ये वर्कस्पेस अभी एजेंट रिसर्च प्रीव्यू के तौर पर कुछ खास प्लान्स में उपलब्ध हैं। इनमें ChatGPT बिजनेस, एंटरप्राइज, एजु और टीचर्स प्लान शामिल हैं। यह सुविधा 6 मई, 2026 तक मुफ्त दी जा रही है। इसके बाद कंपनी इनके इस्तेमाल के लिए क्रेडिट आधारित शुल्क लेगी। यानी जितना ज्यादा उपयोग होगा, उतना ज्यादा भुगतान करना होगा। कंपनी भविष्य में AI सेवाओं को बिजली की तरह उपयोग के आधार पर बेचने की योजना बना रही है।

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