
श्रीनगर में ग्रेनेड से हमला, एक की मौत, 15 लोग घायल
क्या है खबर?
श्रीनगर में ग्रेनेड धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 15 लोग घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आतंकियों ने लाल चौक के पास हरिसिंह हाई स्ट्रीट में सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर ग्रेनेड फेंका था। मृत व्यक्ति गैर कश्मीरी बताया जा रहा है।
पिछले 15 दिनों में श्रीनगर में हुआ यह दूसरा ग्रेनेड हमला है।
फिलहाल सुरक्षाबलों ने पूरे इलाकों को घेर लिया है और आतंकियों की तलाश जारी है।
ट्विटर पोस्ट
इस जगह पर ग्रेनेड से हमला
Jammu and Kashmir: 10 injured in a grenade attack in a market on Maulana Azad Road in Srinagar. pic.twitter.com/VSHDdZSuBR
— ANI (@ANI) November 4, 2019
जानकारी
सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर फेंका गया था ग्रेनेड
आतंकियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर ग्रेनेड फेंका, लेकिन यह सड़क के एक किनारे जाकर गिरा। इसके फटने से आम लोग चपेट में आ गए 15 लोग घायल हो गए। बीते सप्ताह इसी इलाके में हुए दूसरे हमले में सात लोग घायल हो गए थे।
ट्विटर पोस्ट
अस्पताल में भर्ती घायल लोग
#UPDATE Jammu and Kashmir: 15 people injured in a grenade attack in a market on Maulana Azad Road in Srinagar. https://t.co/LYAa5UHght pic.twitter.com/ic4LuXq8g4
— ANI (@ANI) November 4, 2019
आतंकी घटनाएं
बढ़ रही है सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की घटनाएं
पिछले कुछ दिनों में कश्मीर में आतंकी हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं।
29 अक्टूबर को आतंकियों ने एग्जाम सेंटर की सुरक्षा में तैनात CRPF की पेट्रोल पार्टी पर हमला किया था।
राहत की बात यह रही कि इसमें कोई नुकसान नहीं हुआ। इससे पहले 26 अक्टूबर को भी आतंकी श्रीनगर के ही काकासराए में CRPF जवानों पर ग्रेनेड फेंककर फरार हो गये थे।
उससे दो दिन पहले 24 अक्टूबर को कुलगाम में CRPF कैंप पर ग्रेनेड फेंका गया था।
केंद्र शासित प्रदेश
31 अक्टूबर को केंद्र शासित प्रदेश बना है जम्मू-कश्मीर
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर 31 अक्टूबर को केंद्र शासित प्रदेश के अस्तित्व में आया है।
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने और राज्य का विशेष दर्जा समाप्त करने का फैसला किया था।
उसके बाद से जम्मू-कश्मीर में कड़े सुरक्षा प्रतिबंध लागू किए गए थे। कुछ समय बाद जम्मू से प्रतिबंध हटा लिए गए, लेकिन कश्मीर में अब भी प्रतिबंध लागू हैं। तीन महीनों बाद भी इंटरनेट सेवा बहाल नहीं हुई है।