ग्रेटर नोएडा: बिन बताए FD तोड़ी, साइन भी नहीं; PNB में कैसे हुआ 35 करोड़ का घोटाला?
क्या है खबर?
ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक शाखा में 35 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कई फिक्सिड डिपॉजिट को ग्राहकों की अनुमति के बिना तोड़ दिया गया और बचत खातों में भी गड़बड़ी की गई। अब तक 18 खाताधारकों ने शिकायत की है। जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। आइए समझते हैं घोटाले को कैसे अंजाम दिया गया।
मामला
क्या है कथित गड़बड़ी का मामला?
ये मामला ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई वन स्थित PNB बैंक शाखा का है। खाताधारकों का कहना है कि उन्होंने न कोई लेन-देन किए न उन्हें बैंक की ओर से पैसे निकलने का कोई मैसेज आया। जब ग्राहक खाते की जांच करने पहुंचे तो कई में FD का बैलेंस जीरो हो गया।
जिन खातों में 3-4 लाख रुपये जमा थे, उनमें केवल 15,000 रुपये ही बचे।
कुछ खातों में से सरकारी मुआवजे की करोड़ों की राशि हो गायब हो गई।
ग्राहक
क्या कह रहे हैं ग्राहक?
ग्राहक हनीफ खान ने PTI से कहा, "मेरे खाते में 39 लाख रुपये थे, लेकिन अब उसमें कुछ भी नहीं है। मुझे न तो कोई संदेश मिला और न ही मैंने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।"
किसान विजेंद्र सिंह ने कहा, "मेरे खाते में पहले लगभग 87 लाख रुपये जमा थे। अब सिर्फ एक लाख रुपये बचे हैं।"
एक महिला ने बताया कि उसे 1.29 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला था, लेकिन खाते से 1.18 करोड़ रुपये गायब है।
स्तर
कितना बड़ा है घोटाला?
शुरुआती शिकायतों में करीब 35 करोड़ रुपये की हेराफेरी की बात सामने आई है। हालांकि, कुल रकम और प्रभावित खातों की संख्या की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भारतीय किसान यूनियन ने आरोप लगाया कि 130 से 150 करोड़ रुपये का गबन हुआ है।
18 लोगों की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। ज्यादातर प्रभावित खाते उन लोगों के हैं, जिन्हें जेवर हवाई अड्डे में जमीन के बदले मुआवजा मिला था।
कार्रवाई
बैंक ने 5 कर्मचारियों को निलंबित किया
ग्राहकों की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज की है। बैंक ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू की है। इसमें 5 कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिन्हें निलंबित कर दिया गया है। इनमें ब्रांच मैनेजर भी शामिल है।
बैंक में नए कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
वहीं, विभागीय विजिलेंस टीम से प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।