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सरकार ने पड़ौसी देशों के आवेदकों के लिए बदले नागरिकता नियम, सरेंडर करना होगा पासपोर्ट
सरकार ने नागरिकता नियमों में बदलाव किया है

सरकार ने पड़ौसी देशों के आवेदकों के लिए बदले नागरिकता नियम, सरेंडर करना होगा पासपोर्ट

May 19, 2026
12:39 pm

क्या है खबर?

केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकता से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। इसको लेकर गृह मंत्रालय (MHA) ने नागरिकता नियम, 2009 में संशोधन करते हुए एक अधिसूचना जारी की है। नए नियम आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी होंगे। इसके तहत भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने वालों के लिए अपना पासपोर्ट या तो जमा करना पड़ेगा या उसकी जानकारी का खुलासा करना पड़ेगा। यह बदलाव पाकिस्तानी, बांग्लादेश और अफगानिस्तानी नागरिकों के लिए किया गया है।

बदलाव 

आवेदकों को देनी होगी यह जानकारी

इन बदलावों के तहत, नागरिकता नियमों की अनुसूची IC में एक नया खंड जोड़ा गया है, जिसके अनुसार आवेदकों को यह घोषित करना अनिवार्य है कि उनके पास पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश की सरकारों द्वारा जारी किया गया वैध या समाप्त हो चुका पासपोर्ट है या नहीं। अगर, आवेदक के पास पासपोर्ट है तो उसकी विस्तृत जानकारी प्रदान करनी होगी, जिसमें पासपोर्ट नंबर, जारी करने की तिथि और स्थान और समाप्ति तिथि शामिल है।

सरेंडर 

कब सरेंडर करना होगा पासपोर्ट?

अगर, किसी व्यक्ति के पास तीनों पड़ौसी देशों में से किसी एक का पासपोर्ट हैं तो उसे नागरिकता आवेदन की स्वीकृति के 15 दिनों के भीतर डाक अधिकारी को सौंपना होगा। संशोधन का उद्देश्य इन देशों के नागरिकों से संबंधित नागरिकता आवेदनों में दस्तावेजीकरण को सरल और प्रक्रिया को स्पष्ट बनाना है। नागरिकता नियमों में यह बदलाव 25 फरवरी, 2009 को अंतिम संशोधन के 2 साल बाद आया है। मूल नागरिकता नियम 25 फरवरी, 2009 को अधिसूचित किए गए थे।

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