गंगा एक्सप्रेसवे पर अप्रैल से दौड़ सकते हैं वाहन, जानें टोल और खासियत समेत अहम बातें
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश का गंगा एक्सप्रेसवे लगभग पूरी तरह बनकर तैयार है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) ने संकेत दिया है कि 25 से 31 मार्च के बीच इसका उद्घाटन हो सकता है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाने की तैयारी कर रही है। 1 अप्रैल से एक्सप्रेसवे पर वाहन दौड़ना शुरू हो सकते हैं। आइए एक्सप्रेसवे के बारे में जानते हैं।
लागत
36,000 करोड़ रुपये की लागत से बना है एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी ने दिसंबर, 2021 में किया था। करीब 36,200 करोड़ रुपये की लागत से बना ये एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है। मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर ये एक्सप्रेसवे प्रयागराज के जूडापुर दांडू तक जाता है और पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ता है। यह मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज समेत 12 जिलों से गुजरता है।
फायदा
6-8 घंटे में पूरा होगा 10-12 घंटे का सफर
इस एक्सप्रेसवे के जरिए प्रयागराज से मेरठ तक का सफर 6-8 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। फिलहाल इस सफर को पूरा करने में 10-12 घंटे लगते हैं। एक्सप्रेसवे पर निजी वाहनों के लिए गति सीमा 120 किलोमीटर प्रतिघंटा निर्धारित की गई है, जबकि भारी वाहन अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे। एक्सप्रेसवे 12 जिलों के 518 गांवों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ने का काम करेगा।
युद्धाभ्यास
गंगा एक्सप्रेसवे पर उतर चुके हैं लड़ाकू विमान
पिछले साल मई में भारतीय वायुसेना ने शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे पर एयर शो किया था। इस दौरान राफेल, सुखाई 30 MKI, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर, C-130 J सुपर हरक्यूलिस, AN-32, और MI-17 V 5 हेलिकॉप्टर ने अभ्यास किया था। एक्सप्रेसवे पर 2 मई, 2025 को नाइट लैंडिंग भी कराई गई थी। ये नाइट लैंडिंग क्षमता वाला देश का पहला एक्सप्रेसवे है। इसके लिए एक्सप्रेसवे पर खास 3.5 किलोमीटर लंबी पट्टी बनाई गई है।
टोल
कितना लगेगा टोल?
अभी तक टोल टैक्स की आधिकारिक दरों का ऐलान नहीं किया है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कार-जीप से 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर का टोल वसूला जाएगा। यानी एक तरफ से करीब 1,515 रुपये टोल लग सकता है। वहीं, छोटे कॉमर्शियल वाहनों के लिए एक तरफ का टोल 2,405 रुपये तो बस-ट्रक जैसे वाहनों के लिए 4,840 रुपये हो सकता है। भारी निर्माण वाहनों के लिए एक तरफ का टोल किराया 7,455 रुपये हो सकता है।