AI समिट में रोबोडॉग विवाद से वायरल हुई गलगोटिया विश्वविद्यालय की प्रोफेसर नेहा ने दी सफाई
क्या है खबर?
AI इम्पैक्ट समिट में दिखाए गए रोबोट डॉग को लेकर हुए विवाद के बाद गलगोटियास यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने अपनी सफाई दी है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी ने कभी यह दावा नहीं किया कि रोबोडॉग उनका खुद का बनाया हुआ है। उनके मुताबिक, इसे केवल स्टूडेंट रिसर्च और प्रोजेक्शन के उद्देश्य से लाया गया था और गलत मतलब निकाले जाने से विवाद बढ़ गया।
बयान
प्रोफेसर ने क्या कहा?
प्रोफेसर नेहा ने कहा कि वह बातों को ठीक तरह रख नहीं सकी और वायरल वीडियो को गलत तरीके से समझा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में कम्युनिकेशन की फैकल्टी हैं और AI विषय नहीं पढ़ाती हैं। उनके अनुसार, रोबोट पर असली कंपनी की ब्रांडिंग साफ दिख रही थी। यह मशीन दो दिन के प्रदर्शन के लिए लाई गई थी और बाद में स्टूडेंट लैब में रिसर्च और सीखने के लिए रखी जानी थी।
जवाब
देश की छवि पर सवालों का जवाब
जब देश की छवि खराब करने के आरोपों पर सवाल हुआ, तो प्रोफेसर नेहा ने यूनिवर्सिटी की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने खेल, शिक्षा और रिसर्च में देश का नाम रोशन किया है। यूनिवर्सिटी एक जिम्मेदार संस्था है और उसका उद्देश्य छात्रों को नई तकनीक से परिचित कराना है। उन्होंने दोहराया कि रोबोट को अपनी खोज बताने का कोई दावा नहीं किया गया है।
प्रतिक्रिया
एक्सपो खाली करने की खबर पर प्रतिक्रिया
इस बीच, रिपोर्ट्स में कहा गया कि यूनिवर्सिटी को AI समिट एक्सपो खाली करने के लिए कहा गया है। इस पर यूनिवर्सिटी की एक अन्य प्रोफेसर डॉ. ऐश्वर्या श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी आधिकारिक सूचना की जानकारी नहीं है। उन्होंने भी दोहराया कि रोबोडॉग को बनाने का दावा कभी नहीं किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, विवाद के बाद अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया, जबकि सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर बहस जारी है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें वीडियो
VIDEO | Delhi: Professor Neha Singh of Galgotias University responds to reports of the university being asked to vacate its stall at the AI Summit Expo, says, “The controversy happened because things may not have been expressed clearly. I take accountability that perhaps I did… pic.twitter.com/z5lOIzmDz1
— Press Trust of India (@PTI_News) February 18, 2026