
दिल्ली: सत्यपाल मलिक के समर्थकों को हिरासत में लेने का दावा, पुलिस ने किया खारिज
क्या है खबर?
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के समर्थन में दिल्ली के आरके पुरम में एक खाप पंचायत होनी थी, जिसमें हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली की 36 प्रमुख खापों के नेताओं को बुलाया था।
इस बैठक की दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं ली गई थी। दिल्ली पुलिस ने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद मलिक ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें और उनके समर्थकों को हिरासत में ले लिया है।
हालांकि, पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया।
मामला
क्या है मामला?
शनिवार को कुछ खाप पंचायत के नेता दिल्ली स्थित पूर्व राज्यपाल मलिक के आवास पर पहुंचे थे, जिनके लिए आरके पुरम सेक्टर 12 में स्थित पार्क में टेंट लगाकर भोजन की व्यवस्था की गई थी। इस कार्यक्रम को लेकर अनुमति नहीं ली गई थी। इसी को लेकर पुलिस ने आपत्ति जताई।
इसके विरोध में मलिक और उनके समर्थक आरके पुरम स्टेशन पहुंचे। इसी बीच मलिक ने दावा किया कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।
ट्वीट
पूर्व राज्यपाल ने गिरफ्तारी को लेकर किया था ट्वीट
पार्क में सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने पर अड़े कुछ किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इसके बाद पूर्व राज्यपाल मलिक ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर करते हुए 'गिरफ्तार' लिखा था।
दैनिक भास्कर के मुताबिक, एक किसान नेता ने बातचीत में बताया कि मलिक 3 घंटे तक पुलिस स्टेशन में बैठे रहे और फिर घर लौट गए, लेकिन पुलिस गुरमान चढ़ूनी सहित 25 से ज्यादा किसानों को हिरासत में लेकर जाफराबाद थाने पर ले गई है।
ट्विटर पोस्ट
पुलिस ने किसान नेताओं को हिरासत में लिया
Arrested https://t.co/Y7fj00Xysv
— Satyapal Malik (@SatyapalMalik6) April 22, 2023
पुलिस
दिल्ली पुलिस ने कहा- अपनी इच्छा आए थे पुलिस स्टेशन आए थे पूर्व राज्यपाल
पुलिस ने पूर्व राज्यपाल मलिक की गिरफ्तारी के दावों का खंडन करते हुए कहा कि वे अपनी स्वेच्छा से पुलिस स्टेशन आए थे।
दिल्ली पुलिस ने मामले को लेकर ट्विटर पर लिखा, 'पूर्व राज्यपाल मलिक को हिरासत में लेने के संबंध में सोशल मीडिया में गलत सूचना फैलाई जा रही है। हमने उन्हें हिरासत में नहीं लिया है, वह अपने समर्थकों के साथ आरके पुरम पुलिस स्टेशन में अपनी इच्छा से आए हैं और अपनी इच्छा से जा सकते हैं।'
समन
CBI ने पूर्व राज्यपाल मलिक को किया है तलब
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पूर्व राज्यपाल को भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में तलब किया है। जम्मू-कश्मीर में उनके राज्यपाल रहते हुए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश के मामले में 28 अप्रैल को उनसे पूछताछ की जाएगी।
शुक्रवार को मलिक ने कहा था कि CBI ने कुछ स्पष्टीकरण के लिए उन्हें अकबर रोड स्थित एजेंसी के गेस्ट हाउस में उपस्थिति होने को कहा है।
हालांकि, अभी तक CBI ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
बयान
मलिक ने हाल में पुलवामा आतंकी हमले पर दिया था बयान
हाल में पूर्व राज्यपाल मलिक ने एक इंटरव्यू में पुलवामा आतंकी हमले को लेकर कुछ दावे किए थे। उन्होंने दावा किया था कि सुरक्षा प्रोटोकॉल में खामियां थीं, जिसके कारण फरवरी 2019 का हमला हुआ था, जिसमें CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे।
इस बयान के बाद भाजपा ने मलिक की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किये हैं, जबकि कांग्रेस का दावा है कि पुलवामा पर दिये बयान को लेकर मलिक पर CBI का दबाव बनाया जा रहा है।