हनीट्रैप में फंसा DRDO का पूर्व वैज्ञानिक, पाक एजेंट को सौंपे थे देश के मिसाइल रहस्य
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक पाकिस्तानी एजेंट को संवेदनशील रक्षा जानकारी दी। वह एजेंट खुद को ब्रिटेन की सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताती थी। यह मामला हनी-ट्रैप से जुड़ा है और कुरुलकर का मुकदमा जुलाई में शुरू होने वाला है।
प्रदीप ने ब्रह्मोस और अग्नि 6 पर चर्चा की
जांचकर्ताओं के मुताबिक, कुरुलकर जून 2022 से फरवरी 2023 तक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट जारा दासगुप्ता के संपर्क में थे। वे ब्रह्मोस और अग्नि 6 जैसे DRDO के बेहद गुप्त प्रोजेक्ट्स के बारे में चर्चा करते थे। उन्होंने एक व्यक्तिगत मुलाकात के दौरान वर्गीकृत मिसाइल डिजाइन दिखाने का प्रस्ताव भी दिया था। महाराष्ट्र ATS ने मई में उन्हें तब गिरफ्तार किया, जब उनके फोन और दूसरे डिवाइसेज से आपत्तिजनक चैट और कॉल रिकॉर्ड मिले। फिलहाल, जारा दासगुप्ता की तलाश में अधिकारी जुटे हैं, जबकि कुरुलकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।