विदेश मंत्री जयशंकर का UN पर तीखा हमला, बोले- बदलाव नहीं, तो प्रासंगिकता खो दोगे
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान संयुक्त राष्ट्र पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अभी भी पुराने ढर्रे पर चल रहा है।
जयशंकर ने यह भी कहा कि जो देश बदलाव को रोक रहे हैं, वे सिर्फ संयुक्त राष्ट्र का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे सुधारों की वकालत की जो आज की दुनिया की असलियत को दर्शाएं।
जयशंकर ने बहुमत से फैसला लेने वाले सुधारों का किया आह्वान
जयशंकर ने सुझाव दिया कि सुधारों पर सर्वसम्मति का इंतजार करने के बजाय, खुली चर्चा और बहुमत के वोटों से फैसला लिया जाना चाहिए। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि ग्लोबल साउथ के देश अब एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने और अपनी बातें साझा करने को ज्यादा तैयार हैं। इससे "पुरानी निर्भरताएं टूटती हैं" और दुनिया ज्यादा लोकतांत्रिक बनती है।
जयशंकर की इस बात का समर्थन करते हुए, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी माना कि सुरक्षा परिषद को आधुनिक बनाने का समय आ गया है। भारत इस परिषद में स्थायी और अस्थायी दोनों तरह की सीटों के लिए कोशिश कर रहा है। इनमें 2028-29 के लिए एक अस्थायी सीट भी शामिल है, जिसके लिए अगले जून में चुनाव होंगे। भारत को उम्मीद है कि इससे संयुक्त राष्ट्र भविष्य में ज्यादा निष्पक्ष और प्रभावी बन पाएगा।