मालवीय नगर अग्निकांड: बेड एंड ब्रेकफास्ट की आड़ में 23 जिदगियां लील गया अवैध होटल
दिल्ली के मालवीय नगर में 3 जून को फ्लोरिश स्टे में एक दर्दनाक आग लगी। इस हादसे में 23 लोग अपनी जान गंवा बैठे, जिनमें 14 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। असल में यह जगह सिर्फ 6 कमरों वाला एक छोटा `'बेड एंड ब्रेकफास्ट'` होना था, लेकिन मालिकों ने इसे गुपचुप तरीके से 26 कमरों वाले होटल में बदल दिया था। चौंकाने वाली बात यह है कि म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) और दिल्ली पुलिस जैसी एजेंसियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, जबकि वे इन नियमों के उल्लंघनों को आसानी से पकड़ सकते थे।
बेड एंड ब्रेकफास्ट एक्ट में निरीक्षण की खामी
सामने आया है कि `'बेड एंड ब्रेकफास्ट एक्ट'` में नियमित जांच का कोई प्रावधान ही नहीं था, जब तक कि कोई दूसरी सरकारी एजेंसी शिकायत न करती। इसी खामी का फायदा उठाकर मालिकों ने कई अवैध मंजिलें खड़ी कर दीं और एक पूरा रसोईघर भी बना लिया, जिसकी अनुमति नहीं थी। आग लगने की वजह भी यही रसोईघर था, जहां गर्म तेल प्लास्टिक पैनलिंग पर गिरा और उसमें आग लग गई। फिलहाल, पुलिस इस मामले में अपना केस तैयार कर रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। इस पूरी घटना ने सुरक्षा नियमों, जवाबदेही और प्रशासनिक उदासीनता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर ऐसी जगहों के लिए पहले से ही कड़े जांच-पड़ताल क्यों नहीं की गईं।