वित्त मंत्री ने कहा- कीमतें अकल्पनीय स्तर पर पहुंच गईं; देशवासियों से की ये अपील
क्या है खबर?
ईरान युद्ध के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चेतावनी भरा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि उर्वरक की कीमतें अकल्पनीय स्तर तक बढ़ गई हैं, जबकि सोने की बढ़ती कीमतें भारत के लिए विदेश मोर्चे पर 'कुछ चुनौतियां' पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा, "मध्य-पूर्व संकट केवल एक कूटनीतिक या भू-राजनीतिक मुद्दा नहीं है। इसका मतलब ईंधन की बढ़ती लागत, माल ढुलाई में देरी, कच्चे माल की कमी, कार्यशील पूंजी पर दबाव और निर्यात ऑर्डर में अनिश्चितता है।"
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वित्त मंत्री ने तीन 'F' पर ध्यान देने की अपील की
वित्त मंत्री ने नागरिकों से बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता से निपटने के लिए तीन 'F' पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। ये F हैं- फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेन एक्सचेंज यानी ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विदेशी मुद्रा भंडार के संरक्षण का आह्वान करना बहुत अहम है। यह कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण है। कच्चे तेल की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। आज कुछ कीमत होती है अगले हफ्ते कुछ और।"
बयान
वित्त मंत्री ने गिनाईं सरकार की प्राथमिकताएं
वित्त मंत्री ने कहा, "सरकार की प्राथमिकता नागरिकों की रक्षा करना, लघु एवं मध्यम उद्यमों का समर्थन करना, निर्यातकों की सुरक्षा करना, आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुचारू रखना और आर्थिक स्थिरता बनाए रखना है। हमें यह भी स्वीकार करना होगा कि बाहरी दबावों के बावजूद भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति आज भी सकारात्मक और लचीली बनी हुई है। भारत भय फैलाने का जोखिम नहीं उठा सकता। हमें अपने शब्दों और कार्यों से अपने लोगों में विश्वास जगाने की जरूरत है।"
राजस्व
सरकार के राजस्व में गिरावट आई- वित्त मंत्री
सीतारमण ने कहा कि सरकार ने उपभोक्ताओं को और भी तेज वृद्धि से बचाने के लिए पहले ही राजस्व में भारी नुकसान उठाया है। उन्होंने कहा, "पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कमी के कारण सरकार को राजस्व में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है।" उन्होंने MSME क्षेत्र में तनाव की आशंका जताते हुए कहा कि 81 लाख करोड़ रुपये के विलंबित भुगतान से कार्यशील पूंजी प्रभावित हो रही है।
प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने भी की थी अपील
वित्त मंत्री की ये अपील ऐसे वक्त सामने आई है, जब ईरान युद्ध के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। भारत में ही बीते 10 दिन में 4 बार पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलग-अलग मौकों पर लोगों से ईंधन बचाने और विदेश यात्रा न करने की अपील की थी। सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर ड्यूटी में भी बढ़ोतरी की थी।