दिल्ली में 3 साल तक निजी स्कूलों की फीस पर लगा 'ब्रेक'
दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों में फीस बढ़ाने पर रोक लगा दी है। अब अगले 3 शैक्षणिक सत्रों — 2026-27, 2027-28 और 2028-29 — के लिए नई फीस तय होने तक, कोई भी निजी स्कूल फीस नहीं बढ़ा पाएगा।
दिल्ली के सभी निजी स्कूलों को अब 10 दिनों के भीतर एक स्कूल-स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति बनानी होगी। यह समिति स्कूल के फीस संबंधी प्रस्तावों की जांच करेगी और कानून के दायरे में रहकर फीस तय करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। सरकार का मकसद है कि फीस तय करने का यह पूरा काम निष्पक्ष तरीके से हो और स्कूल अचानक या बेहिसाब फीस में बढ़ोतरी न कर पाएं।
निजी स्कूलों को 2 हफ्तों में प्रस्तावित फीस जमा करनी होगी
स्कूलों को अपनी शुल्क निर्धारण समिति बनाने के 2 हफ्तों के अंदर अगले 3 सालों के लिए अपनी प्रस्तावित फीस का ब्योरा जमा करना होगा। जब तक 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के लिए नई फीस अंतिम रूप से तय नहीं हो जाती, तब तक स्कूल 1 अप्रैल 2025 को तय की गई फीस से ज्यादा पैसे नहीं ले सकते।
अगर कोई स्कूल इस तय सीमा से ज्यादा फीस वसूलता है, तो उसे छात्रों को वह अतिरिक्त राशि बाद में वापस करनी होगी। इसके अलावा, अगर 2025-26 सत्र के दौरान कोई भी निजी स्कूल इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो नए शुल्क अधिनियम के तहत उन पर कठोर कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए, सभी स्कूलों को इन नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है।