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FCRA विधेयक पर अमेरिकी सांसद की चिंता पर भारत ने कहा- अमेरिका में भी विदेशी-निधि नियंत्रित
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिकी सांसद रिले मूर की चिंता का जवाब दिया है

FCRA विधेयक पर अमेरिकी सांसद की चिंता पर भारत ने कहा- अमेरिका में भी विदेशी-निधि नियंत्रित

लेखन गजेंद्र
Aug 07, 2026
05:53 pm

क्या है खबर?

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अमेरिकी सांसद रिले मूर द्वारा भारत के विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) में प्रस्तावित संशोधन की आलोचना करने पर जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है, जिस पर संसद निर्णय लेती है। उन्होंने अमेरिका को आईना दिखाते हुए कहा कि अमेरिका समेत कई देश भी अपने देश में आने वाले विदेशी धन को विनियमित करते हैं।

बयान

मंत्रालय ने क्या कहा?

जायसवाल ने कहा, "FCRA मामले पर आ रही टिप्पणियों को देखा है। जहां तक भारत से संबंधित विधायी मामलों का सवाल है, वो हमारे आंतरिक मामले हैं, जिन पर देश की संसद द्वारा निर्णय लिए जाते हैं। मैं ये भी बताना चाहता हूं कि दुनिया में अमेरिका समेत कई ऐसे राष्ट्र हैं, जो विदेशी फंड को विनियमित करते हैं।"

बता दें कि अमेरिकी सांसद ने FCRA विधेयक को ईसाई समुदाय पर हमला बताया था।

बयान

अमेरिकी सांसद ने क्या कहा था?

वेस्ट वर्जीनिया के रिपब्लिकन सांसद मूर ने एक्स पर लिखा, 'भारत में ईसाई तब से हैं जब हमारे प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान के कुछ दशकों बाद सेंट-थॉमस द एपोसल मालाबार तट आए थे। ईसाइयों के लंबे इतिहास के बावजूद, भारतीय संसद FCRA में बदलाव का विचार कर रही है, ताकि सरकार चर्चों और धार्मिक-चैरिटी संस्थाओं पर नियंत्रण कर सके। यह ईसाइयों पर सीधा हमला है। यह बिल भारत के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों में बड़ी चिंता का विषय बनेगा।'

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विदेश मंत्रालय का बयान

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