
राजस्थान: 6 महीने की बच्ची समेत 4 सदस्यों के परिवार की नृशंस हत्या, शवों को जलाया
क्या है खबर?
राजस्थान के जोधपुर में एक परिवार के 4 सदस्यों की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
मंगलवार रात को जोधपुर शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित रामनगर गांव में इन चारों की बेरहमी से हत्या करने के बाद घर के आंगन में उनके शवों को आग लगा दी गई। मृतकों में 6 महीने की एक बच्ची भी शामिल है।
पुलिस ने हत्या के आरोप में परिवार के एक 19 वर्षीय रिश्तेदार को गिरफ्तार किया गया है।
बयान
धारदार हथियार से की गई थी हत्या- पुलिस
जोधपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) नबाब खान ने कहा, "प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि उनके शवों को आग लगाने से पहले किसी धारदार हथियार से उनकी हत्या की गई थी। हमें आज सुबह मामले की जानकारी मिली थी, जिसके बाद हम मौके पर पहुंच गए।"
उन्होंने आगे कहा, "मृतकों में एक शख्स, उसकी पत्नी, उनकी बहू और 6 महीने की पोती शामिल है। हत्या के पीछे कोई रंजिश या विवाद हो सकता है।"
बयान
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से इकट्ठा किए सबूत
ASP खान ने कहा कि मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है और आगे की जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि मृतक परिवार के सदस्य जाट समुदाय से थे और खेती करते थे।
गौरतलब है कि घटना के बाद पुलिस की कई टीमों के साथ फॉरेंसिक टीम भी पहुंची थी, जिन्होंने घटनास्थल से सबूतों को इकठ्ठा किया।
निशाना
भाजपा ने मुख्यमंत्री गहलोत पर साधा निशाना
भाजपा ने घटना को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा है।
राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष सीपी जोशी ने ट्वीट किया, 'मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी, अपने गृहनगर जोधपुर के हालात देखिए, आपने पूरे प्रदेश को अपराध के गहरे अंधकार में धकेल दिया है। यह घटना वीभत्स, शर्मनाक और प्रदेश की कानून व्यवस्था को कलंकित करने वाली है। केवल झूठी घोषणा करने और कानून बना देने से जनता को राहत नहीं मिलती।'
सवाल
कांग्रेस विधायक ने राजस्थान की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
जोधपुर की ओसियां विधानसभा सीट से कांग्रेस की विधायक दिव्या मदेरणा ने हत्याकांड पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया है।
दिव्या ने कहा, "मैं तो खुद सुरक्षित नहीं हूं। मेरी गाड़ी पर 20-20 लोग हमला कर देते हैं और अब तक पुलिस हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है।"
उन्होंने कहा कि उन्हें धमकी मिलने के बाद पुलिस ने सुरक्षा का आश्वासन दिया था, लेकिन फिर भी उन पर हमला हो गया।