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बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी, महंगी कोचिंग में पढ़ाई; अब EWS कोटे से बने UPSC अफसर
UPSC परीक्षा में EWS श्रेणी की पात्रता विवादों में है

बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी, महंगी कोचिंग में पढ़ाई; अब EWS कोटे से बने UPSC अफसर

लेखन आबिद खान
Jun 19, 2026
03:01 pm

क्या है खबर?

देश की प्रतिष्ठित UPSC परीक्षा को लेकर चौंकाने वाली खुलासे हुए हैं। सिविल सेवा परीक्षा 2025 में पास हुए अभ्यर्थियों में कई ऐसे छात्र हैं, जिन्होंने महंगी कोचिंग से तैयारी की और अमीर परिवारों से आते हैं, लेकिन खुद को आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) श्रेणी में दर्ज कर रखा था। EWS कोटे से सिविल सेवा परीक्षा 2025 में कुल 104 उम्मीदवारों का चयन हुआ है, जिनमें से कई इसकी पात्रता को पूरी करते नहीं दिख रहे हैं।

रिपोर्ट

64 प्रतिशत छात्रों ने महंगी कोचिंग से की पढ़ाई- रिपोर्ट

इंडियन एक्सप्रेस की खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में EWS कोटे से UPSC परीक्षा पास करने वालों में बड़ी संख्या ऐसे अभ्यर्थियों की थी जिन्होंने नामी कोचिंग संस्थानों से तैयारी की थी। जांच के मुताबिक, 64.4 प्रतिशत उम्मीदवार प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों से जुड़े थे। वहीं, 44.4 प्रतिशत ने निजी स्कूलों में पढ़ाई की, 26.9 प्रतिशत ऐसे परिवारों से थे जिनके माता-पिता कारोबार करते हैं। 9.6 प्रतिशत उम्मीदवार कॉरपोरेट क्षेत्र में नौकरी कर चुके थे।

खुलासा

28 उम्मीदवारों के परिवार कारोबार से जुड़े

रिपोर्ट के मुताबिक, 104 में से -कम से कम 67 उम्मीदवारों ने दिल्ली और अन्य शहरों के नामी सिविल सेवा कोचिंग संस्थानों से तैयारी की। इनमें ऐसे कोचिंग संस्थान शामिल हैं, जिनकी सालाना फीस 2.65 लाख रुपये तक है। वहीं, कम से कम 28 उम्मीदवारों के माता-पिता कारोबार से जुड़े हैं। इनमें दुकानदारी, ट्रेडिंग, स्टील फैब्रिकेशन, कपड़े और कन्फेक्शनरी जैसे व्यवसाय शामिल हैं। 46 उम्मीदवारों ने लखनऊ, रायपुर और जयपुर जैसे राजधानियों के निजी स्कूलों से स्कूली पढ़ाई की है।

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आंकड़े

10 उम्मीदवार बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कर चुके नौकरी

कम से कम 10 उम्मीदवार UPSC की तैयारी शुरू करने से पहले निजी क्षेत्र में नौकरी कर चुके थे। इनमें कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) और बड़ी सॉफ्टवेयर व निर्माण कंपनियों में कार्यरत थे और कुछ को अच्छी-खासी तनख्वाह मिलती थी। वहीं, कम से कम 14 ने IIT से पढ़ाई की थी, जबकि कम से कम 3 उम्मीदवार NIT के पूर्व छात्र रहे हैं। 84 उम्मीदवारों ने सिविल सेवा परीक्षा की औपचारिक कोचिंग ली थी।

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गरीब अभ्यर्थी

कुछ गरीब अभ्यर्थियों ने भी पाई सफलता

EWS श्रेणी में सफलता पाने वालों में कुछ गरीब अभ्यर्थी भी हैं। एक उम्मीदवार के पिता सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद गार्ड की नौकरी करते हैं। एक अन्य उम्मीदवार के पिता स्कूल बस कंडक्टर हैं। वहीं एक महिला अभ्यर्थी के पिता रेलवे में कुली रह चुके हैं। साथ ही कई उम्मीदवार मजदूर और बेरोजगार माता-पिता वाले परिवारों से आते हैं। वहीं, 29 उम्मीदवारों के माता-पिता किसान हैं। इनमें 7 उत्तर प्रदेश, 4-4 बिहार, हरियाणा और मध्य प्रदेश से हैं।

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