
चुनाव आयोग ने खारिज किया स्मृति ईरानी का बूथ कैप्चरिंग का दावा, कहा- आधारहीन है आरोप
क्या है खबर?
चुनाव आयोग ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के उस दावे को झूठ करार दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेठी में मतदान के दौरान बूथ कैप्चरिंग की गई।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) वेंकटेश्वर लू ने कहा स्मृति ईरानी द्वारा लगाए गए आरोप आधारहीन हैं।
बता दें, सोमवार को अमेठी में मतदान हुआ था। इसी दौरान ईरानी ने एक महिला का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बूथ कैप्चर करवा रहे हैं।
वीडियो क्लिप
वीडियो से की गई है छेड़छाड़
निर्वाचन अधिकारी ने मीडिया को बताया कि बूथ कैप्चरिंग की शिकायत मिलने के बाद सेक्टर ऑफिसर, वरिष्ठ अधिकारी और पर्यवेक्षक ने बूथ पर जाकर राजनीतिक दलों के पोलिंग एजेंटों और वहां मौजूद अधिकारियों से बात की।
इस जांच में पता चला कि वीडियो क्लिप में लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं।
उन्होंने कहा कि वीडियो क्लिप में लगाए गए आरोपों की जांच अभी भी जारी है। इस मामले में एक अधिकारी को हटाया गया है।
जानकारी
कांग्रेस ने भी खारिज किए थे ईरानी के आरोप
इससे पहले कांग्रेस ने स्मृति ईरानी पर पलटवार करते हुए कहा कि अमेठी में भाजपा अमेठी में अपनी हार देखकर बौखला गई है। कांग्रेस प्रवक्ता जीशान हैदर ने कहा कि स्मृति ईरानी हार रही हैं और वो इसके लिए बहाने ढूंढ रही हैं।
दावा
महिला ने किया जबरदस्ती कांग्रेस को वोट डलवाने का दावा
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर बूथ कैप्चरिंग को आरोप लगाते हुए एक वीडियो ट्वीट किया है।
वीडियो में गौरीगंज के गूजरटोला बूथ नंबर 316 पर वोट डालने वाली एक महिला को देखा जा सकता है, जो कह रही है कि पीठासीन अधिकारी ने उससे जबरदस्ती हाथ के चुनाव चिन्ह वाले कांग्रेस के बटन पर वोट डलवाया गया।
स्मृति ने अपने ट्वीट में चुनाव आयोग को ट्वीट करते हुए लिखा है कि राहुल बूथ कैप्चरिंग करा रहे हैं।
ट्विटर पोस्ट
ये था स्मृति ईरानी का दावा
Alert @ECISVEEP Congress President @RahulGandhi ensuring booth capturing. https://t.co/KbAgGOrRhI
— Chowkidar Smriti Z Irani (@smritiirani) May 6, 2019
अमेठी लोकसभा सीट
कांग्रेस का गढ़ है अमेठी
बता दें कि अमेठी पांचवें चरण की सबसे चर्चित सीट है और यहां मुख्य मुकाबला राहुल और स्मृति के बीच है।
सीट को कांग्रेस को गढ़ माना जाता है और राहुल पिछले 3 बार से यहां से सांसद हैं।
सीट प्रियंका गांधी के चुनावी प्रभार में आती है और यह कांग्रेस के लिए एक निश्चिंत करने वाली बात है।
राहुल अमेठी के लोगों को अपने परिवार का सदस्य बता कर सीट से अपने पारिवारिक रिश्ते को भुना भी चुके हैं।
रणनीति
कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाना चाहती है भाजपा
वहीं, भाजपा ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए राहुल को उन्हीं के गढ़ में घेरने की कोशिश की है और पिछली बार उन्हें टक्कर देने वाली स्मृति को फिर से मैदान में उतारा है।
स्मृति और भाजपा ने सीट पर आक्रामक प्रचार किया है और वह राहुल को कड़ी चुनौती देने की उम्मीद लगा रहे हैं।
बता दें कि 2014 चुनाव में राहुल ने स्मृति को लगभग 1 लाख वोटों के अंतर से हराया था।