अल नीनो का सूखा, खरीफ फसलों पर आफत; देश के पास है अन्न का मजबूत कवच
इस साल अल नीनो की वजह से सूखे और कम बारिश का सीधा असर देश की खेती पर दिख रहा है। जून में औसत से 38 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसका नतीजा यह हुआ कि खरीफ फसलों की बुवाई में पिछले साल के मुकाबले 16 प्रतिशत की गिरावट आ गई है। दालें और तिलहन की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इसी वजह से वनस्पति तेलों, दालों और कपास का आयात बढ़ने की संभावना है।
अनाज का बड़ा स्टॉक मौजूद
आयात बढ़ने की आशंका के बावजूद, देश के पास अनाज का अच्छा-खासा भंडार है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। भारत के पास 680 लाख टन चावल और 534 लाख टन गेहूं का बड़ा स्टॉक मौजूद है। इसके साथ ही, मोजाम्बिक से अरहर दाल और कनाडा से मसूर दाल की खेपें भी जल्द ही भारत पहुंचने वाली हैं।
अरहर दाल अगस्त-सितंबर के महीनों में मिलनी शुरू हो जाएगी, वहीं मसूर दाल सितंबर के बाद भेजने के लिए तैयार है। इन सब इंतजामों से इस मुश्किल मौसम में भी खाने-पीने की चीजों की आपूर्ति बनी रहेगी और लोगों को काफी हद तक राहत मिलेगी।