भारत पर मंडराया एक दशक के सबसे बड़े सूखे मानसून का खतरा, जानिए कारण
इस साल का मानसून पिछले एक दशक से भी ज़्यादा समय में सबसे सूखा रह सकता है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इस साल सामान्य औसत से सिर्फ 90 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान है। इसकी मुख्य वजह है अल नीनो की वापसी, जिसने अभी से ही चिंता बढ़ा दी है। वहीं, 11 राज्यों के लिए लू की चेतावनी भी जारी की गई है, और जून जैसे-जैसे नज़दीक आ रहा है, गर्मी को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।
IMD ने जुलाई-अगस्त तक 90 प्रतिशत अल नीनो की संभावना जताई
अल नीनो असल में प्रशांत महासागर में पानी के गर्म होने की घटना है, आमतौर पर मानसून की हवाओं को कमजोर करके हमारे मौसम को प्रभावित करता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के डॉ मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि जुलाई या अगस्त तक अल नीनो के सक्रिय होने की 90 प्रतिशत संभावना है। इसके असर से मध्य और दक्षिण भारत के ज़्यादातर हिस्सों में बहुत कम बारिश हो सकती है। हालांकि, पूर्वोत्तर भारत में सामान्य के करीब बारिश होने का अनुमान है। आने वाले समय में गर्म मौसम और कम बारिश के कारण किसानों और मानसून पर निर्भर लोगों को एक मुश्किल दौर का सामना करना पड़ सकता है।