Loading...
विवाद के बीच चुनाव आयोग की बड़ी बैठक, इन मुद्दों पर लिए गए अहम फैसले
मतभेद की खबरों के बीच चुनाव आयोग के 3 सदस्यों की दिल्ली में बैठक हुई

विवाद के बीच चुनाव आयोग की बड़ी बैठक, इन मुद्दों पर लिए गए अहम फैसले

लेखन आबिद खान
Sep 26, 2026
05:59 pm

क्या है खबर?

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और बाकी दोनों चुनाव आयुक्त में मतभेद की खबरों के बीच दिल्ली में चुनाव आयोग की अहम बैठक हुई है। इसमें मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR), फॉर्म 6 के माध्यम से नए मतदाताओं के नामांकन और आयोग के कामकाज से संबंधित मुद्दों पर फैसले लिए गए। आयोग ने कहा कि चुनाव कानूनों और प्रक्रियाओं के अनुपालन की जांच के लिए ECINet प्रणाली की समीक्षा का आदेश दिया है।

नोटिस

SIR नोटिस मिले मतदाताओं को ERO के पास नहीं जाना होगा

आयोग ने कहा कि जिन मतदाताओं को रिकॉर्ड का मिलान न होने या तार्किक विसंगतियों के कारण नोटिस मिले हैं, उन्हें मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ERO) के समक्ष उपस्थित होने की जरूरत नहीं होगी। बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) ऐसे मतदाताओं के घर जाकर उनसे जरूरी दस्तावेज इकट्ठा करेंगे।

आयोग ने बताया कि केवल असाधारण मामलों में ही सुनवाई होगी, जिसे ऑनलाइन किए जाने की कोशिश होगी।

मतदाता की ओर से परिवार का कोई अधिकृत सदस्य भी उपस्थित हो सकेगा।

शिविर

मजदूरों-बेघरों के लिए विशेष शिविर आयोजित होंगे

आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को SIR प्रक्रिया के दौरान कठिनाइयों का सामना करने वाले लोगों के लिए विशेष शिविर और सहायता डेस्क की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया है।

खासतौर पर नाइट शेल्टर में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीब लोगों और बेघर लोगों के लिए हेल्प डेस्क और विशेष शिविर लगाए जाएंगे।

आयोग ने फॉर्म 6 को लेकर स्पष्टीकरण में कहा कि फॉर्म के साथ लगाए गए डिक्लेरेशन को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है।

ADVERTISEMENT

दिल्ली

दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियों की समयसीमा बढ़ी

आयोग ने दिल्ली में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय सीमा 30 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। नोटिस, दावे और आपत्तियों के निपटान की समय सीमा 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है।

वहीं, महाराष्ट्र में मतदाता अब 12 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं, जबकि निपटान की समय सीमा 10 नवंबर तक बढ़ा दी गई है।

आयोग ने कहा कि CEO से मिले अनुरोध पर ये फैसला लिया गया है।

ADVERTISEMENT

ECINet

ECINet सिस्टम की होगी समीक्षा

आयोग ने चुनाव कानूनों और प्रक्रियाओं के अनुपालन की जांच के लिए ECINet प्रणाली की समीक्षा का आदेश दिया है।

वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति इसकी समीक्षा करेगी। इस समिति में IIT या IIM का एक स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा।

आयोग ने यह भी फैसला लिया कि IT मॉड्यूल और पोर्टलों से संबंधित सभी नई पहलों पर अनुमोदन के लिए आयोग के समक्ष रखे जाने से पहले अधिकारियों की समिति द्वारा चर्चा की जाएगी।

विवाद

क्या है चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर विवाद?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त डॉक्टर सुखबीर सिंह संधू और डॉक्टर विवेक जोशी ने 10 महीनों में 14 बार अपनी आपत्तियां चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समक्ष दर्ज कराई थीं।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने जिन मुद्दों पर आपत्ति जताई उनमें नए मतदाताओं का पंजीयन, मतदाता सूची से नाम हटाना और जोड़ना और SIR प्रक्रिया में मतदाता का नाम वापस जोड़ने के आदेशों के खिलाफ अपील करना जैसै मुद्दे शामिल थे।

ADVERTISEMENT