मतदाता सूची से नाम कटा, पूर्व संपादक का पासपोर्ट अटका
कोलकाता के रहने वाले पूर्व संपादक आर राजगोपाल अपना पासपोर्ट रिन्यू नहीं करवा पा रहे हैं। दरअसल, हाल ही में हुए SIR में उनका नाम पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है, जिसकी वजह से उन्हें यह परेशानी हो रही है। वे उन 27 लाख लोगों में से एक हैं जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई एक समीक्षा से प्रभावित हुए हैं।
इस समीक्षा में दस्तावेजों से जुड़ी कई खामियां सामने आई थीं। अब केरल के मुख्यमंत्री और एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया को चिंता सता रही है कि इस वजह से कई और लोगों को भी बुनियादी सुविधाएं मिलने में मुश्किल आ सकती है।
राजगोपाल की अपील का कोई जवाब नहीं
राजगोपाल ने फरवरी में पासपोर्ट रिन्यू कराने के लिए आवेदन किया था, लेकिन मार्च में उनका नाम हटाए गए नामों की सूची में आ जाने के बाद यह मामला उलझ गया। मई में जब पुलिस वेरिफिकेशन हुआ, तो अधिकारियों ने उन्हें साफ बताया कि पहले उन्हें अपना नाम वोटर लिस्ट में फिर से जुड़वाना होगा, तभी उनके आवेदन पर आगे की कार्रवाई हो पाएगी। उन्होंने अपील तो कर दी है, लेकिन अभी तक उस पर कोई जवाब नहीं मिला है। ऐसे में फिलहाल उन्हें न तो पासपोर्ट मिल पाया है और न ही इस मामले में कोई नई जानकारी मिली है।