धर्मांतरण कानून से पहले मुंबई में अनोखी रणनीति, प्रार्थना समूह मांग रहे मर्जीनामा
महाराष्ट्र में धर्म-परिवर्तन विरोधी कानून 28 अगस्त से लागू होने जा रहा है। इसी के चलते मुंबई महानगर क्षेत्र के क्रिश्चियन प्रार्थना समूहों ने अब लोगों से एक खास फॉर्म भरवाना शुरू किया है। ये स्वयं सत्यापन फॉर्म बताते हैं कि हर व्यक्ति अपनी मर्जी से प्रार्थना सभा में आया है और उस पर कोई दबाव नहीं है। फॉर्म में लोगों से पहचान के लिए आधार या PAN कार्ड नंबर के साथ-साथ एक पासपोर्ट आकार की तस्वीर भी मांगी जा रही है।
प्रार्थना सभाओं में रुकावटों के बाद FIR दर्ज
प्रार्थना समूहों ने यह कदम वसई जैसे इलाकों में कई सभाओं में हुई रुकावटों के बाद उठाया है, जिसके चलते पुलिस में शिकायतें और FIR भी दर्ज हुई थीं। चर्च के नेताओं का कहना है कि ये फॉर्म उपासकों के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करते हैं, जिससे उन्हें जबरन धर्मांतरण के आरोपों से बचाया जा सके। पुलिस इस मामले पर नजर बनाए हुए है, लेकिन उनका कहना है कि अभी तक यह कोई बड़ा रुझान बनता नहीं दिख रहा है।