दुबई के 16 साल के रिलन ने NEET और JEE के लाखों छात्रों का डाटा लीक होने से बचाया
दुबई के 16 साल के एथिकल हैकर और 12वीं कक्षा के छात्र रिलन अनिल ने NEET और JEE परीक्षा पोर्टल्स से जुड़ी क्लाउड स्टोरेज में एक अस्थाई गड़बड़ी का पता लगाया है। इस गड़बड़ी की वजह से लगभग 1.79 लाख रिजल्ट रिकॉर्ड्स और 1.87 लाख प्रवेश पत्र PDF लोगों की पहुंच में आ गए थे। इन दस्तावेजों में छात्रों के नाम, जन्म तिथि और फोन नंबर जैसी निजी जानकारी शामिल थी। जैसे ही रिलन ने इस बात की जानकारी दी, IIT रुड़की ने तुरंत इस समस्या को ठीक कर दिया और सभी को भरोसा दिलाया कि कोई बड़ा डाटा लीक नहीं हुआ है।
रिलन अनिल की एथिकल हैकिंग का सफर
रिलन अनिल कोई आम हाई स्कूल का छात्र नहीं हैं। उसने सिर्फ 7 साल की उम्र में कोडिंग शुरू कर दी थी और 8वीं क्लास तक आते-आते वह एथिकल हैकिंग की दुनिया से जुड़ गया था। आज वह g4mra नाम की एक बेहतरीन ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी टीम के साथ काम करता है। हैकिंग के अलावा, रिलन AI टूल्स भी बनाता है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टूडेंट्स क्लब (AISC) का मुख्य समिति सदस्य भी है।