DRDO ने पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया, जानिए क्या है खासियत
क्या है खबर?
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने सोमवार को तीसरी पीढ़ी की एक ऐसी मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है, जो चलते-फिरते लक्ष्य को ठिकाने लगा सकती है। तीसरी पीढ़ी की फायर-एंड-फॉरगेट मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) का परीक्षण महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित केके रेंज में किया गया। यह परीक्षण DRDO की हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला ने किया था, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया गया है।
परीक्षण
चलते-फिलते टैंक को उड़ाया
वीडियो में दिख रहा है कि तीन स्टैंड पर लगे लॉन्चर से मिसाइल दागी जाने के बाद वह सीधे चलते-फिरते वस्तु पर गिरता है और उसे नष्ट कर देता है। यह चलता-फिरता वस्तु एक टैंक और बख्तरबंद का मॉडल था। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, स्वदेशी रूप से विकसित मिसाइल में इमेजिंग इन्फ्रारेड (IIR) होमिंग सीकर, एक ऑल-इलेक्ट्रिक कंट्रोल एक्चुएशन सिस्टम, एक फायर कंट्रोल सिस्टम, एक टैंडम वारहेड, एक प्रोपल्शन सिस्टम और एक हाई-परफॉर्मेंस साइटिंग सिस्टम जैसी उन्नत तकनीक शामिल है।
खासियत
क्या है खासियत?
MPATGM कंधे से दागी जाने वाली एक पोर्टेबल मिसाइल प्रणाली है, जिसे कहीं भी ले जाया जा सकता है। इससे दुश्मन के टैंकों और बख्तरबंद वाहनों का मुकाबला हो सकता है। इसका वजन करीब 14.5 किलोग्राम है। यह कमांड लॉन्च यूनिट (CLU) के लिए अतिरिक्त 14.25 किलोग्राम वजन वाली यह मिसाइल हल्की, बेलनाकार हथियार है जिसमें चार-चार रेडियल पंखों के दो सेट लगे हैं। इसकी मारक क्षमता 200 से 4,000 मीटर है, जो इसे दुर्जेय हथियार बनाता है।
ट्विटर पोस्ट
मिसाइल का परीक्षण
Third Generation Fire & Forget Man Portable Anti-Tank Guided Missile (MPATGM) with top attack capability was flight tested successfully against moving target pic.twitter.com/jxtyBlvos9
— DRDO (@DRDO_India) January 12, 2026