कच्चे तेल में लगी आग, भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिर भी स्थिर; क्या है वजह?
इस हफ्ते वैश्विक कच्चे तेल के दाम काफी बढ़ गए हैं, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी भी वही हैं। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने पिछली बार 25 मई को दाम बदले थे।
तब पेट्रोल 2.7 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.8 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया था। इसके बाद से, भले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में उठा-पटक जारी हो, लेकिन कीमतें नहीं बदली हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई कच्चे तेल की कीमतें
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर धकेल दिया है। ब्रेंट क्रूड 7.6 प्रतिशत बढ़कर 92.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 91.48 डॉलर तक जा पहुंचा है।
दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल का आयात-निर्यात होर्मुज जलडमरूमध्य से होता है। इन तनावों के चलते इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही हाल में कम हुई है। तेल विश्लेषक मध्य-पूर्व से तेल की सप्लाई में कमी पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, अभी तक तेल निर्यात में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई है, लेकिन इस बात का डर है कि अगर हालात और बिगड़े तो सप्लाई कम हो सकती है, इसलिए भविष्य के अनुमान बढ़ाए जा रहे हैं।