भारत में बिजली की खपत सुस्त; 20 साल में पहली बार गिरी मांग, कंपनियों की बदल रही रणनीति
वित्त वर्ष 2026 में भारत में बिजली की खपत सिर्फ 1% बढ़ी है, जो पिछले छह सालों में सबसे कम है। इस दौरान कम गर्मी पड़ने और भारी बारिश होने की वजह से लोगों को अपने घरों में पंखे और एसी ज़्यादा चलाने की जरुरत नहीं पड़ी। इसका सीधा नतीजा यह रहा कि पिछले कम से कम दो दशकों में पहली बार बिजली की पीक डिमांड में कमी आई है। बिजली का इस्तेमाल कम होने से अब अतिरिक्त कोयला भी जमा हो रहा है।
31 गीगावाट सोलर के बीच रिटेलर्स अपनी रणनीति बदल रहे हैं
अब करीब 31 गीगावाट तक पहुंचने के साथ, अधिक से अधिक लोग रूफटॉप और ऑफ-ग्रिड सोलर अपना रहे हैं, जिससे राज्य की बिजली वितरण कंपनियों (रिटेलर्स) को अपनी कार्यप्रणाली बदलनी पड़ रही है। डेलॉयट साउथ एशिया के अनिष मंडल ने बताया कि पहले बिजली की मांग बढ़ने की मुख्य वजह कूलिंग की जरुरत रही है, लेकिन आगे आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने की उम्मीद है, इसलिए बिजली की खपत दोबारा बढ़ सकती है।