KPSC में 1,000 करोड़ रुपये का घोटाला: ED जांच जारी, अध्यक्ष निलंबित और पूर्व कंट्रोलर गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ED) को एक शिकायत मिली है, जिसमें कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में हुए एक बड़े भ्रष्टाचार घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करने को कहा गया है। आरोप है कि 2023-24 की गैजेटेड प्रोबेशनर्स परीक्षाओं के दौरान रिश्वतखोरी, परीक्षा के पेपरों में हेरफेर और नौकरियां बेचने में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम शामिल है।
यह शिकायत ED के बेंगलुरु जोनल ऑफिस को 11 सितंबर को मिली थी। शिकायत में बताया गया है कि इस पूरे मामले में बिचौलियों, KPSC के कर्मचारियों, ड्राइवरों, प्राइवेट कोचिंग चलाने वालों और दूसरे दलालों का एक संगठित गिरोह काम कर रहा था।
KPSC अध्यक्ष साहूकार निलंबित, गंगवार गिरफ्तार
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि KPSC ने 384 सरकारी नौकरियों के लिए पर्सनैलिटी टेस्ट (साक्षात्कार) में बुलाए जाने वाले उम्मीदवारों के लिए तय 1:3 के अनुपात का उल्लंघन किया। इसी के चलते KPSC के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार को निलंबित कर दिया गया और पूर्व परीक्षा नियंत्रक ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को गिरफ्तार किया गया है।
जांच के दायरे में आए वित्तीय लेन-देन में गंगवार से जुड़ी एक महिला के लिए करीब 26 लाख रुपये के गहनों की खरीद और उनके भाई से जुड़ा एक विला भी शामिल है। अलग से, इन आरोपों में लगभग 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती, प्रश्नपत्रों का लीक होना और पसंदीदा उम्मीदवारों के नंबर बढ़ाने के लिए OMR शीट में हेरफेर करना भी बताया गया है।