सत्य निकेतन हादसे का सबक, छात्रों की सुरक्षा के लिए LG ने बनाई उच्च-स्तरीय टीम
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को एक 5 मंजिला पेइंग गेस्ट (PG) इमारत ढहने से 7 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें 5 छात्र भी शामिल थे।
इस दुखद हादसे के बाद, उपराज्यपाल टीएस संधू ने शहर में छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की कमी दूर करने के लिए 20 सदस्यीय समिति का गठन किया है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री इस समिति का नेतृत्व करेंगे और इन्हें समाधान सुझाने के लिए सिरफ 60 दिन का समय दिया गया है।
समिति छात्रों के आवास की कमी का आकलन करेगी
यह समिति बड़े अधिकारियों और विश्वविद्यालयों के प्रमुखों को एक साथ लाएगी, ताकि पता चल सके कि छात्रों की जरूरतों और उपलब्ध आवास के बीच कितना अंतर है। वे खाली पड़े सरकारी भवनों को हॉस्टल में बदलने, आवास के लिए नई जमीन तलाशने और हॉस्टलों व पीजी के लिए एक केंद्रीय डेटाबेस बनाने पर विचार करेंगे।
इसके अलावा, समिति एक ऐसी व्यवस्था भी बनाना चाहती है, जिसमें एक डिजिटल डैशबोर्ड भी शामिल होगा। इसके जरिए छात्र असुरक्षित स्थितियों, अत्यधिक भीड़ या आग लगने के खतरों की रिपोर्ट कर सकेंगे।
साथ ही, छात्रों, वार्डनों और पीजी चलाने वालों के लिए समय-समय पर आग और आपदा से निपटने के अभ्यास (मॉक ड्रिल) सुनिश्चित किए जाएंगे।