दिल्ली की हवा की गुणवत्ता, कड़ाके की ठंड से पहले ही इतनी खराब क्यों है?
दिल्ली-NCR की हवा की गुणवत्ता गाड़ियों, उद्योगों और पराली जलाने से होने वाले उत्सर्जन की वजह से बिगड़ने वाली है। आज सुबह 10 बजे प्रदूषण का स्तर (AQI) 185 तक पहुंच गया, जो कि दिल्ली की हवा के और खराब होने का संकेत है।
प्रदूषण में यह बढ़ोतरी सर्दियों की शुरुआत और प्रदूषण के चरम दौर से ठीक पहले हुई है, जिसकी वजह से प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है।
इस प्रदूषण के मुख्य कारणों में गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, फैक्ट्रियों का उत्सर्जन, निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल और खेतों में जलाई जा रही पराली शामिल हैं।
दिल्ली का मौसम प्रदूषण को फंसाए हुए है, विशेषज्ञों की चेतावनी
मौसम अब कोई राहत देने वाला नहीं है, क्योंकि गर्म हवा प्रदूषण को जमीन के बेहद करीब रोक कर रख रही है और धीमी हवाएं इसे उड़ा नहीं पा रही हैं। इसके अलावा, दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने और त्योहारों के दौरान पटाखों के इस्तेमाल से भी स्थिति और बिगड़ जाती है।
डॉ. जीसी खिल्लानी जैसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ इन दिनों सांस की बीमारियों के मरीजों में बढ़ोतरी देख रहे हैं। वे खासकर उन लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं, जिन्हें इन बीमारियों का खतरा ज्यादा है।