दिल्ली में अब पेड़ काटने के लिए ऑनलाइन मिलेगी मंजूरी
दिल्ली पेड़ों की कटाई को जमीन मालिकों के लिए आसान बनाने की तैयारी में है। ये 5 तरह के तेजी से बढ़ने वाले पेड़ हैं - पॉपलर, यूकेलिप्टस, सेजना (मोरिंगा), गामरी और मालाबार नीम। इस कदम से एग्रो-फॉरेस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा, लकड़ी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी और प्राकृतिक जंगलों पर दबाव भी कम होगा।
जमीन मालिकों को पौधों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा
अगर ये नए नियम लागू हो जाते हैं, तो जमीन मालिकों को इन पेड़ों की कटाई के लिए कोई अलग से इजाजत नहीं लेनी होगी। हालांकि, अपनी जमीन का मालिकाना हक और लगाए गए पेड़ों की तस्वीरें अपलोड करके उन्हें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूर कराना होगा।
10 पेड़ों तक की कटाई की अनुमति 7 कामकाजी दिनों में मिल जाएगी, जबकि इससे ज्यादा पेड़ काटने की अर्जी पर 2 हफ्तों के अंदर जांच पूरी कर ली जाएगी।
अब लकड़ी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना भी आसान हो जाएगा, क्योंकि इसके लिए ट्रांजिट परमिट की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही, इन पेड़ों को काटने के बदले कोई और पेड़ लगाने की शर्त भी खत्म हो जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से किसानों को काफी फायदा होगा और दिल्ली के जंगल भी सुरक्षित रहेंगे।