दिल्ली में 31 लाख वोटरों को नोटिस, सिर्फ 23,000 ने दिया जवाब
दिल्ली में 31 अगस्त, 2026 से अब तक कुल 31,63,930 लोगों को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से जुड़े नोटिस भेजे गए थे। हालांकि, इनमें से सिर्फ 0.7 प्रतिशत यानी केवल 23,000 लोगों ने ही अपनी लिस्ट में बताई गई समस्याओं को ठीक कराया है। यानी 30 लाख से ज्यादा लोगों को नोटिस मिलने के बाद भी, इतने कम लोग ही इन मसलों पर ध्यान दे पाए हैं।
विशेष रिवीजन की सुनवाई अभी भी 29 अक्टूबर तक जारी रहेगी और अंतिम वोटर सूची 4 नवंबर को आएगी।
दिल्ली के लोगों को मैपिंग गड़बड़ियों के नोटिस मिले
बड़े-बड़े नामों से लेकर आम वोटरों तक, कई लोगों को 'नो मैपिंग' जैसी गड़बड़ियों या लिस्ट में हुई दूसरी गलतियों के नोटिस मिले हैं। इनमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का नाम भी शामिल है।
इस बात ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी, लेकिन चुनाव आयोग ने सबको भरोसा दिलाया है कि सिर्फ नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि आपका नाम लिस्ट से हटा दिया गया है।
हर्ष मल्होत्रा ने लीगल मदद की पेशकश की
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने उन सभी लोगों को कानूनी मदद और समर्थन देने की पेशकश की है जो इन गड़बड़ियों से जूझ रहे हैं या जिन्हें 30 सितंबर की डेडलाइन से पहले दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना है।
हजारों लोग फिर से वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए आवेदन कर रहे हैं, इसी वजह से इस बढ़े हुए काम को निपटाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है।