दिल्ली: SIR के खिलाफ नागरिक संगठनों का मार्च, भारी बल तैनात; प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
क्या है खबर?
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के खिलाफ दिल्ली में आज फिर प्रदर्शन हो रहा है। छात्रों, किसानों और नागरिक समाज समूहों के संगठन 'पीपल अगेंस्ट SIR' ने इस प्रदर्शन का आयोजन किया है। प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस स्थित बंगला साहिब गुरुद्वारे से पटेल चौक के पास चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाल रहे हैं। सुरक्षा को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।णऱ
सुरक्षा
प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हजारों जवानों को तैनात किया गया है।
जंतर-मंतर और चुनाव आयोग कार्यालय तक जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस ने यहां आवाजाही पूरी तरह बंद कर रखी है।
इस दौरान प्रदर्शनकारी 'ज्ञानेश कुमार, गद्दी छोड़' जैसे नारे लगाते रहे। मार्च के थोड़ा आगे बढ़ने पर ही पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।
बयान
वृंदा करात बोलीं- ज्ञानेश के इस्तीफे तक संघर्ष जारी रहेगा
CPI(M) की वृंदा करात ने कहा, "हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते।"
वहीं, योगेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए। 2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति अधिनियम को रद्द करें।'
प्रदर्शन के दौरान CPI नेता एनी राजा ने कहा, "हम देश को केंद्र के उन धोखेपूर्ण तरीकों से बचाने के लिए यहां आए हैं, जिनका मकसद लोकतंत्र को नष्ट करना है।'
ट्रैफिक
पुलिस ने ट्रैफिक को लेकर एडवाइजरी जारी की
दिल्ली यातायात पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है।
लोगों से दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक बंगला साहिब गुरुद्वारा, कनॉट प्लेस, पार्लियामेंट स्ट्रीट और जंतर-मंतर के आसपास गैरजरूरी यात्रा से बचने को कहा गया है।
इसके अलावा यात्रा की योजना पहले से बनाने, अतिरिक्त समय लेकर चलने, भीड़ से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने और आयोजन स्थल के पास सड़क किनारे और अनधिकृत पार्किंग से बचने की अपील की गई है।
CJP
CJP के सौरव-आशुतोष थाने पहुंचे
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका मंदिर मार्ग पुलिस थाने पहुंचे हैं। उन्हें दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने समन जारी कर पेश होने को कहा था।
पहले पुलिस ने दोनों को गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन दोनों ने और समय मांगा था।
दोनों नेताओं को बुधवार को दिल्ली की SEM कोर्ट से जमानत मिली थी। उन्हें 50-50 हजार रुपए के बॉन्ड पर रिहा किया गया था।
प्रदर्शन
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें?
इस प्रदर्शन में प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, परकला प्रभाकर, वृंदा करात, प्रकाश राज संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेता शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, मतदाता सूची से हटाए गए नामों को दोबारा शामिल किया जाए और देश में बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं।
संगठन ने बताया कि मार्च का उद्देश्य 'लोकतंत्र को बहाल करना', CEC ज्ञानेश को हटाने की मांग करना और SIR को रद्द करने के लिए दबाव बनाना है।